इसराइल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। सोमवार, 8 जून 2026 को दोनों देशों के बीच भारी गोलाबारी हुई, जिसे अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद से सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इसी बीच अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ परमाणु बातचीत बेहद जटिल दौर में है और उनके बीच बातचीत का जरिया पूरी तरह से टूट चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी दोनों पक्षों से तुरंत हमले रोकने की अपील की है।

IAEA चीफ राफेल ग्रॉसी ने क्या बड़ा बयान दिया?

वियना में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में राफेल ग्रॉसी ने बताया कि ईरान के साथ बातचीत का चैनल फिलहाल काम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी तकनीकी जांच के कोई भी परमाणु समझौता करना केवल एक भ्रम होगा। ग्रॉसी ने ईरान से अपील की कि वे परमाणु ठिकानों की जांच फिर से शुरू करने के लिए सहयोग करें। उन्होंने पुष्टि की कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची के साथ उनका संपर्क बेहद कमजोर हो चुका है और इस वजह से जमीन पर परमाणु गतिविधियों की निगरानी करना काफी कठिन हो गया है।

जंग के मैदान में क्या चल रहा है और डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा?

सोमवार को इसराइल ने मध्य और पश्चिमी ईरान पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने इसराइल के सैन्य ठिकानों और एक पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया। इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इसराइल पर मिसाइल दागकर लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दोनों देश तुरंत गोलाबारी बंद करें क्योंकि दोनों पक्ष युद्धविराम चाहते हैं। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका एक सख्त समझौते के करीब है जिसमें ईरान के संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करना शामिल होगा।

क्षेत्रीय शांति के लिए कौन से देश कर रहे हैं कोशिशें?

इस बड़ी सैन्य झड़प के बाद सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, पाकिस्तान और कतर जैसे देश मिलकर राजनयिक स्तर पर युद्धविराम को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि उनका देश शांति के लिए बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन रक्षा भी उनकी पहली प्राथमिकता है। दूसरी तरफ, ईरान के सैन्य कमांड ने हमलों को फिलहाल रोकने की घोषणा की है, लेकिन चेतावनी दी है कि अगर दोबारा हमला हुआ तो वे और भयानक कार्रवाई करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या इसराइल और ईरान के बीच बातचीत के रास्ते बंद हो गए हैं?

IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता का जरिया पूरी तरह टूट चुका है और संवाद बेहद जटिल दौर में पहुंच गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धविराम को लेकर क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों पक्षों से तुरंत हमले रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोनों देश तुरंत युद्धविराम चाहते हैं और अमेरिका सख्त परमाणु शर्तों के साथ समझौते के बेहद करीब है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.