21 और 22 मार्च 2026 को इजराइल और ईरान के बीच सैन्य तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इजराइली सेना ने तेहरान में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल बनाने वाले ठिकानों और परमाणु हथियार से जुड़ी रिसर्च फैसिलिटी पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल के दक्षिणी शहरों पर मिसाइलें दागी हैं जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। अमेरिका ने भी इस मामले में दखल देते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है।

इजराइल के हमलों में किन जगहों को बनाया गया निशाना?

इजराइल ने तेहरान के पास उन जगहों पर हमला किया जहां बैलिस्टिक मिसाइल के पुर्जे और ईंधन बनाए जाते थे। इसमें ‘Malek Ashtar University’ नाम का एक खास केंद्र भी शामिल है। इजराइली सेना का दावा है कि इस जगह का इस्तेमाल परमाणु हथियार विकसित करने के लिए किया जा रहा था। इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा है कि आने वाले दिनों में ये हमले और तेज होंगे।

  • तेहरान में मिसाइल उत्पादन के मुख्य केंद्रों पर बमबारी की गई
  • मिसाइल ईंधन बनाने वाले प्लांट को निशाना बनाया गया
  • परमाणु रिसर्च से जुड़ी यूनिवर्सिटी पर हमला हुआ
  • इजराइली सेना के मुताबिक ये ‘Lion’s Roar’ ऑपरेशन का हिस्सा है

ईरान का पलटवार और अमेरिका की 48 घंटे की चेतावनी

ईरान ने इजराइल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइलें दागी हैं जिससे काफी लोग घायल हुए हैं और इमारतें गिर गई हैं। ईरान के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनके तेल और ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो वे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाएंगे। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का समय दिया है कि वह Strait of Hormuz को पूरी तरह खोल दे वरना उसके बिजली घरों को तबाह कर दिया जाएगा।

तारीख बड़ी घटना
21 मार्च 2026 इजराइल ने तेहरान में मिसाइल केंद्रों पर हमले किए
22 मार्च 2026 ईरान ने इजराइल के डिमोना पर मिसाइलें दागीं
22 मार्च 2026 अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
22 मार्च 2026 WHO ने परमाणु दुर्घटना की आशंका पर चिंता जताई