इज़रायली सेना ने तेहरान में एक बड़ा हमला किया है जिसमें कई वरिष्ठ ईरानी कमांडरों की मौत हो गई है। सैन्य खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए इस सटीक हमले में बसीज यूनिट के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है और इसका असर अब खाड़ी देशों की तेल और गैस सुविधाओं पर भी दिखने लगा है।

हमले में किन बड़े अधिकारियों को बनाया गया निशाना?

इज़रायली सेना के मुताबिक इस हमले में बसीज यूनिट के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी और इंटेलिजेंस यूनिट के प्रमुख इस्माइल अहमदी मारे गए हैं। अहमदी पर आरोप था कि उन्होंने ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों को दबाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा आईआरजीसी के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की भी मिसाइल हमले में मौत की पुष्टि हुई है। ईरान ने इन हमलों को राज्य-प्रायोजित आतंकवाद बताया है और कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा के ताजा हालात

इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने भी अपनी ओर से मिसाइलें दागी हैं जिसे ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 का नाम दिया गया है। अमेरिका ने बिगड़ते हालात को देखते हुए मिडिल ईस्ट में हजारों अतिरिक्त सैनिक और तीन युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। तनाव का असर कतर की एलएनजी क्षमता पर भी पड़ा है जिससे वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट पैदा होने की आशंका है।

तारीख मुख्य घटनाक्रम
20 मार्च, 2026 इज़राइल ने इस्माइल अहमदी को हवाई हमले में मार गिराया
20 मार्च, 2026 IRGC प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मिसाइल हमले में मौत
19 मार्च, 2026 ईरान ने इज़राइल पर 5 सुपर-हेवी मिसाइलें दागीं
19 मार्च, 2026 जनरल मेहदी घोरेइशी की इस्फहान में मौत हुई
मार्च 2026 अमेरिका ने 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिक क्षेत्र में भेजे