मिडल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इसराइली सेना ने दावा किया है कि उसने बीते वीकेंड के दौरान ईरान और लेबनान में लगभग 200 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इन हमलों में हथियारों के गोदाम और मिलिट्री रिसर्च सेंटर को निशाना बनाया गया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए तेल अवीव (Tel Aviv) पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे इलाके में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

इसराइल ने कहां-कहां किए हमले और क्या हुआ नुकसान?

इसराइली एयरफोर्स ने तेहरान में बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज और हथियारों की फैक्ट्रियों पर बड़े हमले किए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आधिकारिक बयान में कहा है कि वे ईरान के पेट्रोकेमिकल कारखानों को निशाना बनाना जारी रखेंगे ताकि उनकी आर्थिक ताकत को तोड़ा जा सके। लेबनान में भी हिजबुल्लाह के 140 से ज्यादा ठिकानों को ध्वस्त किया गया है। इन हमलों में बेरूत के पास एक पुल और कई सैन्य इमारतें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं। दक्षिण लेबनान के हबौश (Haboush) इलाके में हुए हमले में दो बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है और कई लोग घायल हुए हैं।

युद्ध से जुड़े बड़े अपडेट और अन्य देशों का रुख

ईरान और इसराइल के बीच चल रही इस जंग में अब अमेरिका और अन्य देश भी सीधे तौर पर शामिल होते दिख रहे हैं। अमेरिका ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। नीचे दी गई टेबल में मौजूदा स्थिति को समझा जा सकता है:

क्षेत्र/देश मुख्य अपडेट
ईरान (Iran) मिसाइल गोदामों और रिसर्च सेंटरों पर हमला हुआ, 2 अमेरिकी विमान गिराने का दावा।
लेबनान (Lebanon) अब तक 1,422 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लाख से ज़्यादा लोग बेघर हुए हैं।
अमेरिका (USA) डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी और तेल ठिकानों पर हमले की धमकी दी।
इराक (Iraq) सीमा पर हमले में नागरिक की मौत के बाद ईरान से लगा बॉर्डर बंद कर दिया गया है।
यमन (Yemen) हुथी विद्रोहियों ने इसराइल की तरफ मिसाइल दागी जिससे सेंट्रल इसराइल में सायरन बजे।

प्रवासियों और खाड़ी क्षेत्र पर क्या होगा इसका असर?

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और खास तौर पर भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है। ईरान और इसराइल के बीच हवाई हमले बढ़ने से विमानों के रूट बदल दिए गए हैं जिससे यात्रा महंगी और मुश्किल हो सकती है। अमेरिका ने धमकी दी है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद हुआ तो वह ईरान के एनर्जी साइट्स पर हमला करेगा। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तेल की सप्लाई और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। इसराइली सेना ने साफ कर दिया है कि वह कम से कम दो हफ्तों तक और हमले जारी रखने की योजना बना चुकी है।