अमेरिका और ईरान के साथ-साथ इसराइल और लेबनान के बीच अभी कमजोर ceasefire चल रहा है। अब गाज़ा के लोगों के मन में एक बड़ा सवाल है कि क्या अन्य मोर्चों पर तनाव कम होने से इसराइल गाज़ा पर अपने हमले और बढ़ाएगा या फिर वह सावधानी बरतेगा। दुनिया भर की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की स्थिति क्या होगी।
क्या ईरान और लेबनान के साथ ceasefire से गाज़ा की मुश्किलें बढ़ेंगी?
Al Jazeera English की रिपोर्ट के अनुसार, गाज़ा के लोग इस बात से परेशान हैं कि बाहरी मोर्चों पर शांति होने का असर उन पर क्या पड़ेगा। कुछ महत्वपूर्ण बातें नीचे दी गई हैं:
- अमेरिका ने इसराइल को बताया था कि ईरान के साथ चला ceasefire 26 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला था।
- 25 अप्रैल 2026 को WAFA एजेंसी ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमलों में चार लोग मारे गए।
- जबालिया रिफ्यूजी कैंप में इसराइली गोलाबारी में एक फिलिस्तीनी की जान गई।
- मिखमास के पास पोलिंग स्टेशनों पर छापेमारी और अन्य घटनाओं में छह फिलिस्तीनी घायल हुए।
इसराइल और फिलिस्तीन के बीच अब तक क्या अपडेट आए हैं?
इस संघर्ष को लेकर अलग-अलग पक्षों ने अपनी बात रखी है और कई बड़े फैसले लिए गए हैं:
- Benjamin Netanyahu: इसराइल के प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह सुरक्षा के लिए पूरे गाज़ा स्ट्रिप का सैन्य नियंत्रण अपने हाथ में रखना चाहते हैं ताकि Hamas को खत्म किया जा सके, लेकिन वह वहां शासन नहीं करना चाहते और इसकी जिम्मेदारी “अरब देशों” को देना चाहते हैं।
- Mahmoud Abbas: फिलिस्तीनी राष्ट्रपति ने Rafah Crossing को फिर से खोलने और इसराइल को ceasefire के लिए मजबूर करने की जरूरत पर जोर दिया है।
- United Nations: UN Secretary-General António Guterres ने चेतावनी दी थी कि दुनिया मिडिल ईस्ट में एक बड़े युद्ध की कगार पर खड़ी है। UN की अन्य शाखाओं ने भी गाज़ा में मानवीय स्थिति बिगड़ने पर चिंता जताई है।
- मानवीय सहायता: इसराइल ने मानवीय संगठनों के लिए नए रजिस्ट्रेशन नियम लागू किए हैं, जिसकी वजह से Doctors Without Borders जैसे कुछ ग्रुप्स ने अपना काम बंद कर दिया है।