Israel-Iran Ceasefire: Macron ने सबको शांत रहने को कहा, अमेरिका और ईरान की गलती बताई, अब शांति की अपील
दुनिया भर की नज़रें अब अमेरिका, ईरान और इसराइल के बीच चल रही खींचतान पर हैं। फ़्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने सभी देशों से शांत रहने की अपील की है ताकि बातचीत से मामला सुलझाया जा सके। उन्होंने कहा कि युद्ध के बजाय कूटनीति का रास्ता अपनाना ही सही होगा।
Macron ने क्या कहा और क्यों जताया दुख?
राष्ट्रपति Macron ने अमेरिका और ईरान दोनों की आलोचना की। उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी और ईरान की प्रतिक्रिया को दोनों तरफ से गलती बताया। उन्होंने Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन की मांग की। Macron ने कहा कि परमाणु और मिसाइल मुद्दों पर बातचीत से ही स्थायी शांति मिल सकती है।
इसराइल और लेबनान के बीच क्या स्थिति है?
इसराइल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल से 10 दिन का युद्धविराम लागू है। हालांकि, यह शांति बहुत कमज़ोर है। इस दौरान भी लेबनान के दक्षिणी इलाके में इसराइली ड्रोन हमले की खबर आई है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने बातचीत से उम्मीद जताई है, लेकिन हिज़्बुल्लाह इसराइल से सीधी बात करने के खिलाफ है।
बाकी देशों की इस पर क्या राय है?
इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने भी ईरान से बात कर युद्धविराम को बनाए रखने पर ज़ोर दिया है। ईरान अभी तय नहीं कर पाया है कि वह अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत में शामिल होगा या नहीं, लेकिन वह अपने 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर अड़ा है।
| देश/नेता | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| Emmanuel Macron | शांति और कूटनीति की अपील की |
| अमेरिका | ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी |
| इसराइल | लेबनान के साथ 10 दिन का युद्धविराम, हमले जारी |
| ईरान | अमेरिका की हरकतों को उल्लंघन बताया |
| लेबनान | युद्धविराम लागू, लेकिन हिज़्बुल्लाह विरोध में है |
| पाकिस्तान | अमेरिका-ईरान युद्धविराम में मुख्य मध्यस्थ |
| रूस | कूटनीतिक प्रयासों को जारी रखने पर ज़ोर दिया |