यूरोपियन यूनियन की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम समझौते को लेबनान तक बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने साफ कहा है कि इस समझौते का विस्तार लेबनान तक होना चाहिए ताकि वहां हो रही मौतों को रोका जा सके। केल्लास ने चेतावनी दी है कि इजरायल की तरफ से किए जा रहे भारी हमले मौजूदा शांति समझौते को खतरे में डाल रहे हैं। लेबनान में पिछले 24 घंटों में हुई बमबारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

लेबनान में युद्ध विराम को लेकर क्या है विवाद?

  • EU प्रमुख Kallas का कहना है कि Lebanon में शांति के लिए Hezbollah का निहत्था होना जरूरी है, लेकिन इजरायल के हमले आत्मरक्षा की सीमा पार कर रहे हैं।
  • इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और सैन्य प्रमुख का कहना है कि यह समझौता लेबनान में Hezbollah के खिलाफ उनके अभियान पर लागू नहीं होता है।
  • अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी बयान दिया है कि Hezbollah की वजह से लेबनान फिलहाल इस समझौते का हिस्सा नहीं है, लेकिन आगे इस पर ध्यान दिया जाएगा।
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने दावों को खारिज करते हुए कहा कि समझौते में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर गोलाबारी बंद करने की बात थी।

हालिया हमलों से क्षेत्र में बढ़ी कितनी तबाही?

8 अप्रैल 2026 को बेरूत के रिहायशी इलाकों में हुए इजरायली हमलों में लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 182 से लेकर 254 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। इसे इस संघर्ष का सबसे घातक दिन बताया जा रहा है। जवाब में Hezbollah ने भी इजरायल पर रॉकेट दागे हैं और ईरान ने तनाव बढ़ने के बाद एक बार फिर Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। फ्रांस और चीन जैसे देशों ने भी इजरायली हमलों की आलोचना करते हुए आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। खाड़ी देशों की स्थिरता को लेकर सऊदी अरब के विदेश मंत्री और GCC सचिव के साथ भी लगातार बैठकें की जा रही हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.