इजराइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इजराइली वायुसेना ने ईरान के यूरेनियम केंद्रों, भारी पानी के कॉम्प्लेक्स और प्रमुख स्टील प्लांट पर जोरदार हमले किए हैं। इन हमलों के बाद ईरान की सेना यानी IRGC ने इजराइल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। यह घटनाक्रम 27 और 28 मार्च 2026 के बीच का है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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किन जगहों को बनाया गया निशाना?

इजराइली सेना के मुताबिक उन्होंने अराक (Arak) में भारी पानी के प्लांट और यज़्द (Yazd) में यूरेनियम निकालने वाली यूनिट को निशाना बनाया है। इजराइल का दावा है कि अराक प्लांट परमाणु हथियार बनाने के लिए प्लूटोनियम उत्पादन का मुख्य केंद्र था। दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया ने जानकारी दी है कि हमले में खुज़ेस्तान (Khuzestan) और मोबारेके (Mobarakeh) में स्थित दो बड़े स्टील प्लांट को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि इन हमलों से किसी भी तरह के रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा नहीं है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि इजराइल को इस अपराध की भारी कीमत चुकानी होगी और अब जवाबी कार्रवाई का तरीका अलग होगा।
  • IRGC के कमांडर मजीद मौसवी ने चेतावनी दी है कि उनका पलटवार उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है।
  • 28 मार्च की सुबह इजराइल के यरूशलेम और तेल अवीव में सायरन बजने की खबरें आईं, जिसे ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों का नतीजा बताया जा रहा है।
  • अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने एक 15-सूत्रीय शांति योजना का जिक्र किया है और बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद जताई है।
  • G7 देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक विशेष मिशन तैनात करने का फैसला किया है।

हमले से जुड़ी मुख्य तारीखें और अपडेट

दिनांक प्रमुख घटनाक्रम
27 मार्च 2026 इजराइल ने अराक और यज़्द के परमाणु केंद्रों पर हवाई हमले की पुष्टि की।
27 मार्च 2026 ईरान के विदेश मंत्री ने इजराइल को भारी कीमत चुकाने की चेतावनी दी।
28 मार्च 2026 ईरान ने स्टील प्लांट में नुकसान की पुष्टि की और इजराइल की तरफ मिसाइलें दागीं।
28 मार्च 2026 अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच सुलह के लिए नए प्रस्ताव पेश किए।