इसराइल और ईरान के बीच चल रही जंग अब आर्थिक ठिकानों की तरफ मुड़ गई है। इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उनकी सेना ने ईरान के पेट्रोकेमिकल और स्टील प्लांटों को निशाना बनाया है। नेतन्याहू का दावा है कि इन हमलों से ईरान की स्टील बनाने की क्षमता का 70 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है। इस कार्रवाई का मकसद ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना है ताकि हथियारों के लिए मिलने वाले पैसे को रोका जा सके।

ℹ: ईरान ने फिर दागे UAE और कुवैत पर ड्रोन, अमेरिकी ठिकानों पर हुआ हमला, रिफाइनरी और प्लांट को पहुँचा नुकसान.

ईरान में किन जगहों पर हुए हमले और क्या हुआ नुकसान?

4 अप्रैल 2026 को हुए ताज़ा हमलों में दक्षिण-पश्चिमी ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत को निशाना बनाया गया। यहाँ के महशहर स्पेशल पेट्रोकेमिकल ज़ोन में भारी नुकसान की खबरें हैं। इन हमलों में कई बड़ी कंपनियों के प्लांट सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

  • महशहर इलाके की अबू अली, रिजाल और अमीर कबीर पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर मिसाइलें गिरीं।
  • फज्र 1 और 2, और बंदर-ए इमाम खुमैनी सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया है।
  • इन हमलों में अब तक 5 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
  • हॉर्मोज़गन प्रांत में एक सीमेंट प्लांट पर भी हमला हुआ, हालांकि वहां काम जारी है।
  • इराक ने हमलों के बाद ईरान से लगी शलमचेह सीमा को बंद कर दिया है।

नेतन्याहू का अगला प्लान क्या है और ईरान ने क्या दी चेतावनी?

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इन हमलों को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने साफ कहा कि यह ईरान की ‘मनी मशीन’ को बंद करने की कोशिश है जिससे आतंकवाद को पैसा मिलता है। इसराइली रक्षा अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगले एक हफ्ते के भीतर ईरान के ऊर्जा ठिकानों (Energy Facilities) पर और भी बड़े हमले हो सकते हैं, जिसके लिए अमेरिका से बातचीत चल रही है।

दूसरी तरफ, ईरान ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि इसराइल को इन हरकतों की भारी कीमत चुकानी होगी। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को पत्र लिखकर मांग की है कि नागरिक ठिकानों पर हो रहे इन हमलों को तुरंत रुकवाया जाए। मुबारकेह स्टील और खुज़ेस्तान स्टील जैसी कंपनियों ने माना है कि नुकसान इतना ज्यादा है कि उन्हें दोबारा खड़ा करने में महीनों का समय लगेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.