इसराइल ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अपनी सेना को सबसे ऊंचे अलर्ट पर रखा है. 8 जुलाई 2026 को यह बड़ा फैसला लिया गया क्योंकि इलाके में युद्ध का खतरा फिर से बढ़ गया है. अमेरिका भी अब ईरान पर समन्वित सैन्य हमले पर विचार कर रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.
US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि 8 जुलाई 2026 को ईरान ने कुवैत और बहरीन के 85 रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए. इसके अलावा Strait of Hormuz में तेल ले जाने वाले कमर्शियल जहाजों पर भी मिसाइल हमले हुए. जवाब में CENTCOM ने दक्षिण ईरान में IRGC के 80 से ज्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए.
इस तनाव का असर पूरे क्षेत्र में दिख रहा है. UAE और Qatar ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को अधिकतम अलर्ट पर रखा है. बाजार की रिपोर्ट के अनुसार 31 जुलाई तक इसराइल का हवाई क्षेत्र (airspace) बंद होने की संभावना बढ़ गई है. पिछले 24 घंटों में इसकी संभावना 6% से बढ़कर 14.5% हो गई है.
इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बताया कि अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने अपनी इसराइल यात्रा रद्द कर दी है. नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह फैसला एक सकारात्मक संकेत हो सकता है.
