इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक वरिष्ठ इजरायली सुरक्षा अधिकारी ने युद्ध के लंबा खिंचने पर गहरी चिंता जताई है। अधिकारी का कहना है कि वे एक ऐसे युद्ध में नहीं फंसना चाहते जिसका कोई अंत न हो और जिसका कोई स्पष्ट रास्ता न निकले। इस बीच ईरान में मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। इस नई नियुक्ति और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं जिससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

युद्ध में जान-माल का कितना नुकसान हुआ?

इस संघर्ष में अब तक दोनों तरफ से भारी नुकसान की खबरें आई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ईरान में बमबारी के कारण 1,230 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लेबनान में भी लगभग 400 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इजरायल ने भी पहली बार जमीनी हमले के दौरान अपने सैनिकों की मौत की पुष्टि की है।

क्षेत्र या देश मृतकों की संख्या
ईरान (Iran) 1,230 से अधिक
लेबनान (Lebanon) लगभग 400
इजरायल (Israel) 11 (सैनिक और नागरिक)
अमेरिकी सैनिक (US Army) 7

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर पड़ेगा?

खाड़ी देशों (Gulf Countries) में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि युद्ध लंबा खिंचने से सीधा असर उनकी जेब और सुरक्षा पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमतें 100 से 120 डॉलर के बीच पहुंचने से भारत आने-जाने वाली फ्लाइट्स के टिकट महंगे हो सकते हैं।

  • ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को काफी कट्टरपंथी माना जाता है जिससे शांति वार्ता मुश्किल लग रही है।
  • इजरायली सेना के अंदर ही युद्ध के लक्ष्यों को लेकर मतभेद उभरने लगे हैं।
  • सऊदी अरब में अमेरिकी बेस पर हुए हमलों में अब तक 7 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
  • ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) के दाम बढ़ने से खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था में हलचल तेज हो गई है।
  • इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू अब भी युद्ध को जल्दी खत्म करने का दावा कर रहे हैं।