मध्य इजराइल (Israel) में 16 मार्च 2026 को कई बड़े धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरान (Iran) ने इजराइल के कई हिस्सों पर क्लस्टर मिसाइल से हमला किया है जिसके बाद पूरे तेल अवीव (Tel Aviv) में सायरन बजने लगे। अमेरिका और इजराइल की ईरान के साथ चल रही जंग अब अपने 17वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इन ताजा हमलों में संपत्ति का नुकसान हुआ है और एक व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई है।

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Iran के हमले से Israel में क्या नुकसान हुआ?

ईरान ने इस बार क्लस्टर मिसाइल का इस्तेमाल किया है, जो मध्य इजराइल में कई अलग-अलग जगहों पर जाकर गिरे हैं। उत्तरी इजराइल के एक प्राथमिक स्कूल के मैदान में भी छोटे धमाके देखे गए हैं। सायरन बजने के बाद लोग सुरक्षित जगहों पर छिपने लगे। अभी तक इन हमलों में एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है और कुछ संपत्तियों को मामूली नुकसान पहुंचा है।

अमेरिका और इजराइल की क्या तैयारी है?

इजराइल की वायु सेना ने पिछले 24 घंटों में ईरान के अंदर 200 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। वहीं ईरान की सेना (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजराइल से जुड़े मिलिट्री बेस पर हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान के खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर हमले का आदेश दिया था। यह वह जगह है जहां से ईरान अपना 90% कच्चा तेल निर्यात करता है। अमेरिकी दावों के अनुसार इस द्वीप के बड़े हिस्से को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। इसके अलावा इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में भी जमीनी ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

दुनिया भर में तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

इस जंग का असर पूरी दुनिया के व्यापार पर पड़ने लगा है। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल (Brent crude) की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जो दुनिया का लगभग 20% ऊर्जा सप्लाई करता है, वहां भी तनाव काफी बढ़ गया है। इन सभी हालातों के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि उन्होंने युद्धविराम की कोई मांग नहीं की है और उनकी तरफ से लड़ाई जारी रहेगी।