इजराइल की डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तीन हफ्तों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिशन अपनी तय समय सीमा से काफी आगे चल रहा है और अब तक ईरान के लगभग 70 प्रतिशत बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को पूरी तरह बेकार कर दिया गया है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी लगातार तेहरान और सऊदी अरब के अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि खाड़ी क्षेत्र में भारतीय व्यापार और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ईरान में सैन्य कार्रवाई की वर्तमान स्थिति

IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफरिन ने बताया है कि आने वाले दिनों के लिए हजारों टारगेट अभी भी लिस्ट में हैं। अमेरिकी सेना के साथ मिलकर किए गए इस साझा मिशन में अब तक ईरान के 30 प्रांतों में 3,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हथियार बनाने वाले सेंटरों को भारी नुकसान पहुंचा है। इजराइली वायु सेना ने पिछले 24 घंटों में ही 200 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है।

भारतीय प्रवासियों और व्यापार पर असर

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए ‘Strait of Hormuz’ का रास्ता बेहद अहम है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पुष्टि की है कि भारत सरकार ईरान के साथ सीधे बातचीत कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय तेल टैंकरों को इस समुद्री रास्ते से सुरक्षित निकलने के लिए मंजूरी दिलाना है। चूंकि इस युद्ध के कारण समुद्र में तनाव बढ़ा है, इसलिए भारत केस-दर-केस आधार पर अपने जहाजों के सुरक्षित ट्रांजिट के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

जंग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े

विवरण डाटा
कुल तबाह किए गए मिसाइल लॉन्चर लगभग 350 (70%)
ईरानी सैनिकों के मारे जाने का अनुमान 4,000 से 5,000 के बीच
अभियान की नई समय सीमा अप्रैल 2026 के पहले हफ्ते तक
अमेरिकी स्ट्राइक की संख्या 3,000 से अधिक टारगेट
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.