इजरायल और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार और रविवार को ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहरों अराद (Arad) और डिमोना (Dimona) को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागीं। इस हमले में रिहायशी इलाकों को काफी नुकसान पहुंचा है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Gideon Saar) ने इसे युद्ध अपराध करार देते हुए कहा है कि अराद में जानमाल का कम नुकसान होना किसी चमत्कार से कम नहीं है।

मिसाइल हमले में कितना नुकसान हुआ और कितने लोग घायल हुए?

ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें अराद शहर की रिहायशी इमारतों पर गिरीं जिससे वहां काफी तबाही हुई। राहत और बचाव कार्य में जुटी संस्थाओं ने घायलों का विवरण इस प्रकार दिया है।

  • अराद शहर में हमले की वजह से कम से कम 80 लोग घायल हुए हैं।
  • गंभीर रूप से घायल 10 लोगों में एक 5 साल की बच्ची भी शामिल है।
  • शहर के अस्पतालों में 18 बच्चों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
  • डिमोना शहर में भी मिसाइल गिरने से करीब 60 लोग घायल हुए हैं।
  • इजरायली सेना (IDF) इस बात की जांच कर रही है कि मिसाइल डिफेंस सिस्टम इन्हें रोकने में विफल क्यों रहा।

नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्रतिक्रिया क्या रही?

हमले के बाद इजरायल और ईरान के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अराद का दौरा किया और दुनिया से ईरान के खिलाफ एकजुट होने की मांग की।

संस्था या व्यक्ति मुख्य जानकारी और बयान
बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के शासन और IRGC के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ईरानी संसद अध्यक्ष अगर हमारे ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो मिडिल ईस्ट के तेल ठिकाने तबाह कर देंगे।
IAEA इजरायल के परमाणु केंद्र में किसी भी तरह के नुकसान या रेडिएशन की खबर नहीं है।
ब्रिटिश सरकार ईरान के पास फिलहाल यूरोप तक मिसाइल दागने की क्षमता का कोई प्रमाण नहीं है।

यह तनाव 28 फरवरी से चल रहे संघर्ष का हिस्सा है। हालिया मिसाइल हमले ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हुए कथित हमले के जवाब में किए गए हैं। इजरायल ने इन हमलों को रोकने और ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करने का संकल्प लिया है।