इसराइल और अमेरिका एक बार फिर ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले की तैयारी कर रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले हफ्ते तक युद्ध दोबारा शुरू हो सकता है. इस मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने करीबियों के साथ बैठक कर अंतिम फैसला लेंगे. दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है और सभी की नजरें अब वॉशिंगटन के फैसले पर टिकी हैं.
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इसराइल और अमेरिका की क्या है सैन्य योजना
इसराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने Channel 12 को बताया कि देश युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. अब सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का इंतजार है कि ईरान के साथ बातचीत को कैसे आगे बढ़ाना है. अमेरिकी अधिकारियों ने हमले के कई विकल्प तैयार रखे हैं, जिनमें शामिल हैं:
- ईरान पर भीषण बमबारी करना.
- Kharg Island पर कब्जा करना.
- परमाणु सामग्री को निकालने के लिए कमांडो को तैनात करना.
राष्ट्रपति ट्रंप अगले 24 घंटों के भीतर अपने सलाहकारों के साथ बैठक करेंगे, जिससे सैन्य कार्रवाई पर अंतिम मोहर लग सकती है.
ईरान और दुनिया के अन्य देशों का क्या रुख है
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उन्हें अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है, लेकिन वे कूटनीति को एक मौका देने के लिए कमजोर युद्धविराम को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शांतिपूर्ण समाधान की बात कही है. इस बीच अन्य देशों की प्रतिक्रिया इस प्रकार रही है:
- पाकिस्तान: शांति वार्ता को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री 16 मई को तेहरान पहुंचे.
- रूस और UAE: दोनों देशों के नेताओं ने इस विवाद पर चर्चा की और राजनीतिक और राजनयिक समाधान पर जोर दिया.
- जर्मनी: चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने चाहिए और उसे तुरंत बातचीत की मेज पर आना चाहिए.
लेबनान में तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का मामला
एक तरफ ईरान के साथ तनाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसराइल ने 16 मई को दक्षिण लेबनान में नए हमले किए. यह हमला तब हुआ जब लेबनान के साथ युद्धविराम को 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया था. यह कार्रवाई हिज़बुल्लाह के विरोध के कारण की गई.
इसके अलावा, Strait of Hormuz को लेकर भी बहस जारी है. ईरान का कहना है कि यह रास्ता सभी जहाजों के लिए खुला है, सिवाय उन देशों के जो उनके साथ युद्ध में शामिल हैं. हालांकि, जर्मनी ने ईरान से इस रास्ते को पूरी तरह खोलने की मांग की है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोई गुंजाइश है
ईरान के विदेश मंत्री ने कूटनीति को मौका देने की बात कही है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है. पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है.
इसराइल ने लेबनान में हमले क्यों किए
लेबनान के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ाई गई थी, लेकिन ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह द्वारा बातचीत का विरोध करने और लगातार हमलों के कारण इसराइल ने दक्षिण लेबनान में सैन्य कार्रवाई की.
