Israel और Iran के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। इसराइल ने संकेत दिए हैं कि वह ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। इस स्थिति ने पूरे Gulf क्षेत्र में हलचल मचा दी है और सबकी नज़रें अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं।

इसराइल ने युद्ध की तैयारी क्यों शुरू की?

इसराइल के रक्षा मंत्री Yisrael Katz ने 14 मई 2026 को साफ कहा कि ईरान में उनका मिशन अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि देश जल्द ही फिर से हमलों के लिए तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने अपने सैन्य अलर्ट को उच्चतम स्तर पर पहुँचा दिया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के खिलाफ दोबारा युद्ध शुरू करने के संभावित फैसले के बाद उठाया गया है। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी पहले ही कह दिया था कि उनके पायलट ईरान के किसी भी हिस्से में हमला करने की क्षमता रखते हैं और वे तैयार हैं।

UAE पर ईरान ने क्या आरोप लगाए?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने UAE पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने UAE को इस लड़ाई में इसराइल का एक सक्रिय साथी बताया और कहा कि यह सहयोग माफ नहीं किया जा सकता। इस बीच ऐसी खबरें भी आईं कि प्रधानमंत्री Netanyahu ने गुप्त रूप से UAE का दौरा किया था, हालांकि अबू धाबी ने इस बात से इनकार किया है। वहीं, ईरान ने युद्ध रोकने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिनमें हमलों को बंद करना, प्रतिबंध हटाना, जमी हुई संपत्ति वापस लेना और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपनी संप्रभुता की मान्यता शामिल है।

अमेरिका और रूस का इस मुद्दे पर क्या नजरिया है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर Brad Cooper का कहना है कि ईरान की अपने पड़ोसियों और अमेरिकी हितों को खतरा पहुँचाने की क्षमता अब काफी कम हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध ही उसे बिना सीधी जंग के झुकने पर मजबूर कर देंगे। दूसरी तरफ, रूस की विदेशी खुफिया सेवा के प्रमुख ने दावा किया है कि ईरान के पास अभी भी काफी सैन्य ताकत बची हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल ने हाई अलर्ट क्यों जारी किया है?

इसराइल ने रक्षा मंत्री Yisrael Katz के बयान और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर दोबारा हमले के संभावित आदेश की संभावना को देखते हुए हाई अलर्ट जारी किया है।

ईरान ने शांति के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने सैन्य हमलों को रोकने, आर्थिक प्रतिबंध हटाने, अपनी जमी हुई संपत्ति वापस लेने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने अधिकार को मान्यता देने की शर्त रखी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com