Israel और Iran के बीच युद्ध का खतरा बढ़ा, इसराइल ने हाई अलर्ट किया जारी, अमेरिका भी अलर्ट पर
इजराइल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। इजराइल ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी संभावित हमले का मुकाबला किया जा सके। दूसरी तरफ ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फिर से पाबंदियां लगा दी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसा माहौल बन गया है।
| तारीख | घटना | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| 12 अप्रैल 2026 | इजराइल का अलर्ट | सेना को अधिकतम अलर्ट स्तर पर रखा गया |
| 17 अप्रैल 2026 | लेबनान युद्धविराम | इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच समझौता हुआ |
| 18 अप्रैल 2026 | होर्मुज जलडमरूमध्य | ईरान ने पाबंदियां लौटाईं और टैंकर पर हमला किया |
| 18 अप्रैल 2026 | व्हाइट हाउस मीटिंग | राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज मुद्दे पर आपात बैठक की |
| 18 अप्रैल 2026 | UN हमला | लेबनान में शांति सैनिकों पर हमला हुआ |
| 18 अप्रैल 2026 | येलो लाइन | इजराइल ने दक्षिण लेबनान में सीमा रेखा तय की |
इजराइल और ईरान के बीच क्या चल रहा है?
इजराइली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ Eyal Zamir ने 12 अप्रैल 2026 को सैन्य अलर्ट को अधिकतम स्तर पर पहुँचाने का ऐलान किया था। यह फैसला वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत नाकाम होने के बाद लिया गया। इजराइली सेना अब युद्ध की तैयारियों में जुटी है और उन्होंने अपने ऑपरेशन प्लान को तेज़ कर दिया है। साथ ही दक्षिण लेबनान में ‘येलो लाइन’ नाम की एक सीमा रेखा भी तय की गई है।
अमेरिका और सऊदी अरब का इस पर क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ़ कर दिया है कि जब तक ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम पर कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी। 18 अप्रैल को ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक विशेष बैठक भी की। इसी बीच सऊदी अरब और अमेरिका के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान में युद्धविराम की स्थिति पर चर्चा की है।
लेबनान और होर्मुज जलडमरूमध्य की ताजा स्थिति क्या है?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का फैसला बदल दिया है और वहाँ फिर से सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। खबर है कि एक टैंकर पर फायरिंग भी हुई है। वहीं लेबनान में 17 अप्रैल को हुआ युद्धविराम खतरे में है, क्योंकि 18 अप्रैल को UN शांति सैनिकों पर हमला हुआ है। शुरुआती जांच में इसका आरोप हिजबुल्लाह पर लगाया जा रहा है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है।