ईरान और अमेरिका के बीच शांति की कोशिशें नाकाम हो गई हैं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद अब युद्ध का खतरा फिर से बढ़ गया है। इसराइल ने साफ़ कर दिया है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का इंतज़ार कर रहा है ताकि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सके।

इस्लामाबाद में क्या हुआ और बातचीत क्यों टूटी?

अमेरिका के उपराष्ट्रपति J.D. Vance और ईरान के अधिकारियों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली। अमेरिका ने अपनी तरफ से सबसे बेहतर ऑफर दिया था, लेकिन ईरान ने अपने परमाणु प्रोग्राम और महत्वाकांक्षाओं पर समझौता करने से मना कर दिया। इस वजह से शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई।

ट्रंप ने अब क्या बड़ा कदम उठाया है?

बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी करने का आदेश दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो वे ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को तबाह कर देंगे। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

इसराइल की तैयारी और लेबनान का हाल क्या है?

इसराइल ने संकेत दिए हैं कि वह पूरी तरह से सैन्य ऑपरेशन के लिए तैयार है। लेबनान सीमा पर हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई पहले से ही जारी है और हाल ही में IDF ने एक हिजबुल्लाह operative को खत्म किया है। इसराइल के मुताबिक, वे अब अमेरिका के अगले कदम का इंतज़ार कर रहे हैं।

मुख्य विवरण जानकारी
बातचीत का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
विवाद का कारण ईरान के परमाणु लक्ष्य
अमेरिका का एक्शन Strait of Hormuz की नाकाबंदी
इसराइल की स्थिति युद्ध के लिए तैयार
लेबनान अपडेट हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई जारी
ट्रंप की धमकी ऊर्जा ढांचे को नष्ट करना
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com