ईरान और इसराइल के बीच छिड़ी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। एक इसराइली सुरक्षा अधिकारी ने बयान दिया है कि ईरान के सैन्य ठिकानों को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभी दो से तीन हफ्ते का समय और चाहिए। इसी बीच ईरान ने खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागी हैं जिससे कुवैत की तेल रिफाइनरी और एक वाटर प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है।
अब तक की बड़ी सैन्य कार्रवाई और अपडेट
- इसराइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल यूनिट के कमांडर मकरम अतिमी और कई अन्य कमांडरों को मार गिराया है।
- ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलें कुवैत के तेल प्लांट और पानी साफ़ करने वाले प्लांट पर गिरी हैं जिससे वहां नुकसान हुआ है।
- अमेरिका की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर बहुत कड़ा प्रहार किया जाएगा।
- तेहरान और इस्फहान जैसे बड़े शहरों में भारी धमाकों की आवाज़ें सुनी गई हैं और इसराइल में भी मिसाइल गिरने की खबर है।
भारतीय प्रवासियों और व्यापार पर पड़ने वाला असर
ईरान के मिलिट्री प्रवक्ता ने धमकी दी है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लंबे समय के लिए बंद कर देगा। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से तेल की सप्लाई और सामानों के आने-जाने पर सीधा असर पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) इस मामले में एक बैठक करने जा रही है ताकि समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस फैसला लिया जा सके। कुवैत और अन्य खाड़ी देशों में रहने वाले लोग भी इन हमलों के बाद सतर्क हैं क्योंकि मिसाइलें अब अहम ठिकानों के पास गिर रही हैं।
