28 मार्च 2026 को इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष और भी गंभीर हो गया है। इजरायली सेना ने ईरान के सैन्य उद्योगों और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को पूरी तरह तबाह करने का संकल्प दोहराया है। पिछले 24 घंटों में इजरायली वायुसेना ने तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में भारी बमबारी की है। इस जवाबी कार्रवाई में दोनों देशों की ओर से मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।

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इजरायल के हमलों में ईरान को कितना नुकसान हुआ?

इजरायली सेना ने तेहरान और ईरान के मध्य इलाकों में स्थित हथियारों के उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाया है। सेना के आधिकारिक बयानों के अनुसार, यह हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए किए गए हैं। इन हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के करीब 1000 से ज्यादा ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया गया है।

  • तेहरान में एक इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं।
  • इजरायल ने बैलिस्टिक मिसाइलों के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया है।
  • शिराज और इस्फ़हान में भी सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की गई है।
  • परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने यज्द प्रांत में एक यूरेनियम से जुड़े प्लांट पर हमले की खबर दी है।

इस युद्ध के ताजा हालात और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया क्या है?

ईरान ने भी इजरायल पर जवाबी हमला करते हुए 85वीं लहर के तहत मिसाइलें दागी हैं। तेल अवीव में एक व्यक्ति की मौत हुई है और कई वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इस बीच अमेरिका ने अपने विमानवाहक पोत ‘USS George Bush’ को क्षेत्र में भेजने का फैसला किया है। पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है ताकि शांति स्थापित की जा सके।

मुख्य घटना प्रभाव/विवरण
इजरायली हवाई हमले तेहरान, शिराज और इस्फ़हान में 1000+ ठिकानों पर बमबारी
ईरानी जवाबी हमला इजरायल की ओर कई लहरों में मिसाइलें दागी गईं
अमेरिका की भूमिका नौसेना की तैनाती और शांति योजना पर विचार
मानवीय नुकसान तेहरान में 6 और तेल अवीव में 1 व्यक्ति की मौत