इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के मुख्य ठिकानों और बड़े अधिकारियों को निशाना बनाया है। इजरायल ने ईरान के खुफिया मंत्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को खत्म करने का दावा किया है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे पूरी दुनिया के तेल और गैस बाजार में खलबली मच गई है।

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खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों पर हमलों का विवरण

ईरान ने कतर, सऊदी अरब और कुवैत के महत्वपूर्ण तेल और गैस ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि जहां भी अमेरिकी सेना और उनके ठिकाने मौजूद हैं, वे उनकी जद में हैं। इन हमलों से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है।

स्थान/देश घटना का विवरण प्रभाव
Ras Laffan, Qatar मिसाइल हमला गैस प्रोसेसिंग प्लांट में भारी नुकसान
Red Sea, Saudi Arabia ड्रोन हमला रिफाइनरी में आग लगी
Kuwait ड्रोन हमला तेल रिफाइनरी को बनाया गया निशाना
Tehran, Iran इजरायली एयरस्ट्राइक खुफिया मंत्री Esmail Khatib की मौत
South Pars, Iran इजरायली हमला गैस फील्ड को पहुंचाया नुकसान
Tel Aviv, Israel ईरानी मिसाइल हमला 2 लोगों की मौत हुई

इजरायल और ईरान के अधिकारियों के आधिकारिक बयान

इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सेना को अब किसी भी ईरानी अधिकारी को मारने के लिए सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इजरायल अब ईरान के नेतृत्व को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति पर काम कर रहा है। दूसरी तरफ ईरान के नए सुप्रीम लीडर ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह के संघर्ष विराम से इनकार किया है।

  • सऊदी अरब में हुई बैठक में कई देशों ने ईरान से हमले रोकने को कहा है।
  • ईरान ने अपने नागरिकों को खाड़ी देशों के एनर्जी प्लांट से दूर रहने की चेतावनी दी है।
  • अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ईरान के गैस क्षेत्र पर हमले की अनुमति दी थी।
  • मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कतर में इमरजेंसी लगा दी गई है।