मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है और हालात नाजुक बने हुए हैं। 29 मार्च 2026 को ईरान और हिजबुल्लाह की तरफ से हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद इजरायल के 100 से ज्यादा शहरों में सायरन बजने लगे। इन हमलों का असर केवल इजरायल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सऊदी अरब, यूएई और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में भी ड्रोन और मिसाइलें देखी गईं। इस स्थिति को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और लोगों को सावधान रहने को कहा गया है।
ईरान और हिजबुल्लाह के हमलों से खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ा?
ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों की तरफ भी ड्रोन और मिसाइलें भेजीं। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अपनी सीमाओं के पास ईरान की तरफ से आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया। बहरीन की एक एल्युमीनियम फैक्ट्री पर भी हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई जिसे बाद में बुझा लिया गया। ओमान ने भी अपने सलालाह पोर्ट पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की है जिसमें एक कर्मचारी घायल हुआ है।
| देश | प्रभाव और कार्रवाई |
|---|---|
| सऊदी अरब | ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया |
| यूएई (UAE) | अपनी सीमा में आने वाले ड्रोन को इंटरसेप्ट किया |
| बहरीन | एल्युमीनियम प्लांट पर हमला हुआ और आग बुझाई गई |
| ओमान | सलालाह पोर्ट पर हमला हुआ, एक मजदूर घायल |
| यमन (हुथी) | हुथी विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल दागने की जिम्मेदारी ली |
सैन्य कार्रवाई और जान-माल के नुकसान की ताजा स्थिति क्या है?
इजरायली सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों और तेहरान में ईरान के हथियारों वाले ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस संघर्ष में लेबनान में कवरेज कर रहे तीन पत्रकारों की मौत हो गई है। इजरायली सेना का एक सैनिक भी युद्ध के दौरान मारा गया है। इजरायल के तेल अवीव और अन्य इलाकों में मिसाइलों के मलबे गिरने से कई लोग घायल हुए हैं और कुछ इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है।
- पत्रकारों की मौत: लेबनान में अली शोएब, फातिमा फतौनी और मोहम्मद फतौनी नाम के तीन पत्रकारों की इजरायली हमले में जान चली गई।
- इजरायल में अलर्ट: यरूशलेम, ईलात और नेगेव जैसे इलाकों में मोबाइल फोन पर चेतावनी जारी की गई है।
- हवाई हमले: इजरायल ने बेरूत और बेका घाटी में हिजबुल्लाह के हथियार डिपो को तबाह कर दिया है।
- अमेरिकी मौजूदगी: ईरान ने अमेरिका पर जमीन से हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है, जबकि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैनिक पहुंच चुके हैं।
- डिप्लोमैटिक तनाव: लेबनान ने ईरान के राजदूत को वापस भेज दिया है और तेहरान से अपने राजदूत को बुला लिया है।
