31 मार्च 2026 को इज़राइल के बड़े हिस्से में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब तेल अवीव और यरुशलम जैसे शहरों में खतरे के सायरन बजने लगे। इज़राइली सेना ने बताया कि ईरान की तरफ से मिसाइलें दागी गई थीं, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को बीच में ही रोक लिया, लेकिन इस हमले के बाद अमेरिका ने भी ईरान के Isfahan शहर में एक बड़े हथियार गोदाम पर हमला किया है।

🚨: Bahrain में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, Kuwait और UAE ने कड़ी निंदा करते हुए जताया बहरीन का साथ

इज़राइल में आम लोगों के लिए क्या हैं सुरक्षा नियम?

  • सायरन बजते ही लोगों को तुरंत सुरक्षित ठिकानों या बम शेल्टर में जाने को कहा गया है।
  • एक बार सायरन बंद होने के बाद कम से कम 10 मिनट तक शेल्टर के अंदर ही रहना जरूरी है।
  • अगर कोई व्यक्ति घर से बाहर है, तो उसे जमीन पर लेटकर अपने सिर को हाथों से ढक लेना चाहिए।
  • गाड़ी चला रहे लोगों को सड़क के किनारे रुककर सुरक्षित जगह पर शरण लेने की सलाह दी गई है।
  • खिड़कियों और बाहरी दीवारों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है ताकि कांच टूटने से चोट न लगे।

ईरान में हुई कार्रवाई और अमेरिका का क्या रहा रुख?

इस हमले के जवाब में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ईरान के Isfahan में मौजूद एक बड़े गोला-बारूद डिपो पर बमबारी की है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट Truth Social पर Isfahan में हुए धमाकों का वीडियो साझा किया है। इन हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान के कुछ हिस्सों में बिजली गुल होने की खबरें आई हैं। Fars समाचार एजेंसी के मुताबिक, प्रशासन बिजली सेवा को फिर से बहाल करने की कोशिशों में जुटा है। इज़राइली सेना अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.