ईरान और इसराइल के बीच छिड़ी जंग के बीच UAE की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल ने पहली बार अपना मशहूर ‘आयरन डोम’ डिफेंस सिस्टम और अपनी सेना के जवान UAE भेजे। यह फैसला तब लिया गया जब ईरान ने UAE की तरफ बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए।

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इसराइल ने UAE को आयरन डोम क्यों भेजा?

ईरान और इसराइल के बीच युद्ध के शुरुआती दिनों में UAE की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया। यह फैसला इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया। एक वरिष्ठ इसराइली अधिकारी ने बताया कि यह पहला मौका था जब इसराइल ने अपना यह खास डिफेंस सिस्टम किसी दूसरे देश में तैनात किया।

ईरान ने UAE पर कितने हमले किए?

UAE के रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defense) ने आधिकारिक जानकारी दी कि ईरान ने देश की तरफ लगभग 550 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं। इसके साथ ही 2,200 से ज्यादा ड्रोन भी छोड़े गए। इस दौरान अमेरिका ने भी मदद की और दक्षिणी ईरान में मिसाइल टीमों पर हमले किए ताकि UAE पर हमलों को कम किया जा सके। हालांकि, ज्यादातर हमलों को रोक दिया गया, लेकिन कुछ मिसाइलें और ड्रोन सैन्य और नागरिक इलाकों में गिर गए।

2026 के इस युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?

इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई जब अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने भी हमले शुरू कर दिए। 3 अप्रैल 2026 को ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसमें एक 11 साल की बच्ची घायल हुई और 24 अप्रैल 2026 को उसकी मौत हो गई। इस पूरे युद्ध के दौरान UAE पर सबसे ज्यादा हमले हुए।