UAE की सुरक्षा के लिए इसराइल ने अपनी सबसे ताकतवर मिसाइल डिफेंस सिस्टम Iron Dome वहां भेजी है। अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee और Mike Waltz ने इस बात की पुष्टि की है कि इस सिस्टम ने ईरान के हमलों को रोकने में मदद की। यह पहली बार हुआ है जब इसराइल ने अपने देश और अमेरिका के बाहर इस सिस्टम को तैनात किया है।
Iron Dome UAE में कैसे पहुंचा और किसने लिया फैसला?
इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने UAE के राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से फोन पर बात करने के बाद Iron Dome भेजने का आदेश दिया था। इस सिस्टम को चलाने के लिए इसराइल ने न सिर्फ मशीनें भेजीं, बल्कि उन्हें ऑपरेट करने के लिए अपने सैनिक भी भेजे। इसकी खबर पहले Axios ने दी थी, जिसे बाद में अरब राजनयिकों ने भी सही बताया।
ईरान के हमलों में Iron Dome ने क्या काम किया?
12 मई 2026 को अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने बताया कि Iron Dome का इस्तेमाल UAE पर हमला करने वाली ईरानी मिसाइलों को गिराने के लिए किया गया। इस सिस्टम ने युद्ध के दौरान दर्जनों मिसाइलों और हजारों ड्रोन को हवा में ही तबाह कर दिया। यह लड़ाई 28 फरवरी के आसपास शुरू हुई थी, हालांकि कुछ मिसाइलें UAE के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर गिरीं। 8 अप्रैल से ईरान और अमेरिका के बीच एक कमजोर युद्धविराम लागू है।
UAE और इसराइल के रिश्तों पर क्या असर पड़ा?
यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ती सुरक्षा दोस्ती को उजागर करता है। साल 2020 में हुए Abraham Accords के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर हुए हैं और अब वे ईरान के खतरे से निपटने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी दूसरे देश की सुरक्षा के लिए इसराइल ने अपने इस खास डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
UAE में Iron Dome सिस्टम किसने भेजा और क्यों?
इसराइल ने UAE की सुरक्षा के लिए Iron Dome सिस्टम और उसे चलाने वाले सैनिक भेजे। यह फैसला प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और UAE राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan की बातचीत के बाद लिया गया ताकि ईरान के मिसाइल हमलों को रोका जा सके।
इस खबर की पुष्टि किन अधिकारियों ने की है?
इसराइल में अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने 12 मई 2026 को सार्वजनिक रूप से इस तैनाती और इसके इस्तेमाल की पुष्टि की।
