इसराइल की संसद ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नया कानून पास किया है। इसके तहत 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में शामिल फिलिस्तीनियों के लिए एक स्पेशल मिलिट्री कोर्ट बनाया जाएगा। इस कोर्ट को दोषियों को मौत की सजा देने का अधिकार होगा। इस बिल को संसद में बिना किसी विरोध के मंजूरी दी गई है।

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स्पेशल कोर्ट के नियम और सजा की शर्तें क्या हैं

इस नए कानून के तहत यरूशलेम में एक खास मिलिट्री कोर्ट बनाया जाएगा। यहाँ उन सैकड़ों फिलिस्तीनियों का ट्रायल होगा जिन्हें अक्टूबर 2023 के हमलों के दौरान पकड़ा गया था।

  • सजा का आधार: 7 से 10 अक्टूबर के बीच हत्या, बलात्कार, अपहरण और लूटपाट जैसे अपराधों के लिए मौत की सजा दी जा सकती है।
  • फांसी का नियम: सजा पक्की होने के 90 दिनों के भीतर फांसी दी जाएगी। हालांकि प्रधानमंत्री इसे 180 दिनों तक टाल सकते हैं।
  • कोई रिहाई नहीं: इस कानून के तहत सजा पाए लोगों को भविष्य में किसी भी कैदी अदला-बदली (prisoner exchange) के जरिए रिहा नहीं किया जाएगा।
  • ट्रायल की पारदर्शिता: मुकदमों की रिकॉर्डिंग होगी और इन्हें एक खास वेबसाइट पर दिखाया जाएगा ताकि जनता देख सके।
  • अधिकार: कोर्ट को जरूरत पड़ने पर सबूतों और कानूनी प्रक्रियाओं के सामान्य नियमों में बदलाव करने की छूट दी गई है।

दुनिया भर के देशों और एक्सपर्ट्स की क्या प्रतिक्रिया रही

इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी विरोध और चिंता जताई गई है। कई देशों और संगठनों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है।

  • मानवाधिकार संगठन: एम्नेस्टी इंटरनेशनल और वर्ल्ड कोएलिशन अगेंस्ट द डेथ पेनल्टी ने इस कानून की कड़ी निंदा की है।
  • UN और ICRC: संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस ने चेतावनी दी है कि बिना निष्पक्ष सुनवाई के मौत की सजा देना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
  • विदेशी सरकारें: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इटली और न्यूजीलैंड समेत 8 मुस्लिम देशों ने इस पर गहरी चिंता जाहिर की है।
  • कानूनी डर: कुछ विशेषज्ञों ने डर जताया है कि इन मुकदमों में टॉर्चर के जरिए हासिल किए गए सबूतों का इस्तेमाल हो सकता है।

इस कानून को लेकर जस्टिस मिनिस्टर Yariv Levin ने कहा कि यह ऐतिहासिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम है। वहीं एमके सिमचा रोथमान ने कहा कि इसराइल इन हमलों को कभी नहीं भूलेगा और दोषियों को सबसे सख्त सजा दी जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह नया कानून कब पास हुआ और इसमें कितने वोट पड़े

इसराइल की संसद (Knesset) ने इस कानून को 11 मई 2026 को पास किया। इस बिल के पक्ष में 93 वोट पड़े और किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया।

किन अपराधों के लिए मौत की सजा दी जा सकती है

7 से 10 अक्टूबर 2023 के बीच किए गए मर्डर, रेप, किडनैपिंग और लूटपाट जैसे गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान किया गया है।