लेबनान के दक्षिणी हिस्से में इसराइल ने हवाई हमले किए हैं। इस हमले में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई और 2 लोग घायल हुए हैं। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। हैरानी की बात यह है कि यह हमला तब हुआ जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम (सीजफायर) चल रहा था।

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इसराइल के हमलों में क्या नुकसान हुआ?

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को इसराइल के लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लेबनान के देइर आम्स और टौलाइन शहरों पर हमले किए। इन हमलों में 6 लोगों की जान गई और 2 अन्य घायल हो गए। इसराइली सेना ने देइर आम्स के निवासियों को तुरंत इलाका खाली करने की चेतावनी दी थी। सेना का कहना था कि वे वहां हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों के खिलाफ ऑपरेशन करना चाहते थे।

सीजफायर और अमेरिका की भूमिका क्या थी?

अमेरिका की मध्यस्थता से 16 अप्रैल 2026 को 10 दिनों का सीजफायर शुरू हुआ था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार, 23 अप्रैल को इस सीजफायर को तीन हफ्ते और बढ़ाने का ऐलान किया था। नियम के मुताबिक, इसराइल को हमलावर सैन्य ऑपरेशन नहीं करने थे, लेकिन आत्मरक्षा में कदम उठाने की छूट थी। वहीं लेबनान को हिज़्बुल्लाह जैसे समूहों को रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी। हिज़्बुल्लाह ने इस सीजफायर को बेमतलब बताया है और एक इसराइली ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने क्या रिपोर्ट दी?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने बताया कि लेबनान और इसराइल दोनों तरफ रिहायशी इलाकों में आम नागरिकों पर हमले हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ने कई मंजिला इमारतों को तबाह किया और हिज़्बुल्लाह ने बिना गाइड वाले रॉकेटों का इस्तेमाल किया। UN कमिश्नर वोल्कर तुर्क ने इन घटनाओं की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।

Sushma Kumari

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