इसराइल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। शुक्रवार और शनिवार को इसराइल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई शहरों और रिहायशी इलाकों में भारी बमबारी की। सबसे बड़ी बात यह है कि ये हमले उस समय हुए जब अमेरिका, कतर और ईरान की मदद से एक सीजफायर (ceasefire) तय हुआ था।

👉: Iran-US Deal: ईरान और अमेरिका के बीच हुआ समझौता, खत्म हुई जंग, उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति ने दी बधाई

लेबनान के हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, शुक्रवार 19 जून को हुए हमलों में कम से कम 47 लोग मारे गए और 97 घायल हुए। शनिवार 20 जून को भी हमले जारी रहे, जिसमें Arab Salim और Deir Zahrani जैसे कस्बों में 5 और लोगों की जान गई। 2 मार्च 2026 से अब तक इसराइली हमलों में लेबनान के कुल 3,980 लोग मारे जा चुके हैं और 12,001 घायल हुए हैं। इन मौतों में 135 स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हैं।

वहीं, इसराइल की सेना (IDF) ने बताया कि उनके चार सैनिक Kfar Tebnit गांव में एक टैंक हमले में मारे गए और पांच अन्य घायल हुए। IDF का दावा है कि उन्होंने Nabatieh और अन्य इलाकों में 80 से ज्यादा कमांड सेंटर्स और आतंकी ठिकानों को तबाह किया है, जिससे Hezbollah के दर्जनों आतंकी मारे गए।

नेताओं के बयान और राजनीतिक असर

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कहा कि वे अपने सैनिकों और इलाके पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और Hezbollah को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तरी इसराइल की सुरक्षा के लिए सेना लेबनान में तब तक ऑपरेशन जारी रखेगी जब तक जरूरत है। वहीं नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर Itamar Ben Gvir ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि पूरे लेबनान को जलना चाहिए।

दूसरी तरफ, लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने इन हमलों को खतरनाक बताया और कहा कि इससे सीजफायर की कोशिशें नाकाम हो रही हैं। Hezbollah ने दावा किया कि उन्होंने इसराइल के तीन Merkava टैंकों को नष्ट कर दिया है और जब तक इसराइली सेना लेबनान से बाहर नहीं जाती, वे सीजफायर को स्वीकार नहीं करेंगे। Hezbollah नेता Naim Qassem ने कहा कि वे हथियारों से इसराइल का सामना करेंगे।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और UN की रिपोर्ट

इस लड़ाई की वजह से स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत को टाल दिया गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल से राजनयिक प्रक्रिया का सम्मान करने को कहा था। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस हमले के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि वे अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।

UNIFIL ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शुक्रवार को उन्होंने 748 प्रोजेक्टाइल ट्रेजेक्टरीज रिकॉर्ड कीं, जिनमें से 695 इसराइल की सेना की थीं। यूरोपीय संघ (EU) ने अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और इसराइल की सेना को लेबनान से पूरी तरह हटाने की मांग की है।