लेबनान के दक्षिणी इलाकों में एक बार फिर धमाकों की गूंज सुनाई दी है। इसराइल ने लिटानी नदी के उत्तरी क्षेत्रों में जबरदस्त हवाई हमले किए हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। सीज़फायर के दावों के बीच हुए इन हमलों ने युद्ध की स्थिति को फिर से गंभीर बना दिया है।

हमलों में जान-माल का कितना नुकसान हुआ?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार 27 अप्रैल को हुए हमलों में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई और 51 लोग घायल हुए। स्थिति काफी खराब है क्योंकि पिछले कुछ समय से हिंसा बढ़ती जा रही है। नीचे दी गई टेबल में अब तक हुए नुकसान का ब्यौरा है:

विवरण आंकड़े (2 मार्च से अब तक)
कुल मौतें 2,520 से ज्यादा
कुल घायल 7,800 से अधिक
विस्थापित लोग 16 लाख से ज्यादा

क्या सीज़फायर समझौता टूट गया है?

लेबनान और इसराइल के बीच 17 अप्रैल को 10 दिनों का सीज़फायर लागू हुआ था, जिसे बाद में तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया। लेकिन लेबनान के अधिकारियों का कहना है कि इसराइल ने इस समझौते का बार-बार उल्लंघन किया है। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि वे लिटानी नदी के उत्तर में हमले जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि खतरों को रोकने के लिए उनके पास कार्रवाई की पूरी आजादी है और यह अमेरिका और लेबनान के साथ हुई सहमति का हिस्सा है।

जमीनी हालात और सैन्य कार्रवाई क्या है?

मंगलवार 28 अप्रैल को भी हमले जारी रहे। इसराइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने दक्षिण लेबनान में हिज़बुल्लाह के 1,000 से ज्यादा ठिकानों को तबाह कर दिया है, जिनमें हथियार और जाल बिछाए हुए ढाँचे शामिल थे। वहीं, बींत जबैल इलाके में भारी मशीन गन से फायरिंग हुई और जोतोर अल-शर्कीया शहर पर तीन हवाई हमले किए गए। बेरूत के आसमान में भी ड्रोन देखे गए। हिज़बुल्लाह ने चेतावनी दी है कि जब तक इसराइल अपनी हरकतें बंद नहीं करता, वे जवाबी हमले जारी रखेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइल ने सीज़फायर के बावजूद हमले क्यों किए?

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, यह कार्रवाई उभरते हुए खतरों को रोकने के लिए की गई है और यह अमेरिका और लेबनान के साथ तय किए गए नियमों के तहत है।

लेबनान में अब तक कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 2 मार्च से शुरू हुए हमलों में 2,520 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और लगभग 16 लाख लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं।