लेबनान के दक्षिणी हिस्से में 8 मई 2026 को इसराइल ने हवाई हमले किए जिससे कई लोगों की जान चली गई। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब दोनों देशों के बीच सीज़फायर (युद्धविराम) लागू था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बहुत बढ़ गया है और दुनिया भर की नजरें अब अमेरिका में होने वाली बातचीत पर हैं।
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लेबनान के किन इलाकों में हुए हमले और कितना नुकसान हुआ?
लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के मुताबिक, अलग-अलग जगहों पर इसराइल ने बमबारी की है। Houmin Tahta के पास ड्रोन हमले में 2 लोगों की मौत हुई, जबकि Al-Zahrani में एक कार को निशाना बनाने पर 3 लोग मारे गए। Toura गांव में 4 लोगों की जान गई, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। इसी तरह Sultaniyeh में 4 और Zrariyeh में 2 लोगों की मौत हुई।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में इसराइल के हमलों में कुल 32 लोग मारे गए हैं। 2 मार्च से अब तक कुल मौतों का आंकड़ा 2,759 तक पहुंच गया है और 8,512 लोग घायल हुए हैं।
नेताओं ने क्या कहा और अमेरिका में क्या होने वाला है?
लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने यूरोपीय देशों से मांग की है कि वे इसराइल पर सीज़फायर मानने का दबाव बनाएं। प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने कहा कि सरकार अब केवल राज्य के हथियारों को ही प्राथमिकता देगी और आने वाली बातचीत में सीज़फायर को मजबूत करने पर जोर देगी।
दूसरी तरफ, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि अगले हफ्ते इसराइल और लेबनान के बीच अमेरिका में बातचीत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल द्वारा सीज़फायर तोड़ने को ‘आत्मरक्षा’ (self-defense) बताया है। लेबनान इस मीटिंग में इसराइल की पूरी वापसी, सीमा समझौतों और कैदियों की रिहाई जैसी मांगें रखेगा।
Hezbollah और इसराइल की सेना (IDF) के बीच टकराव
इसराइल के हमलों के जवाब में Hezbollah ने उत्तरी इसराइल की तरफ रॉकेट दागे। इसराइल की सेना (IDF) ने कहा कि उन्होंने इन रॉकेटों को हवा में ही मार गिराया या वे खाली मैदानों में गिरे, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, Hezbollah ने दावा किया है कि उन्होंने इसराइल के सैन्य बेस और गाड़ियों को निशाना बनाया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान और इसराइल के बीच सीज़फायर कब तक है?
सीज़फायर 17 अप्रैल 2026 से लागू हुआ था और इसे 17 मई 2026 तक बढ़ाया गया है।
अमेरिका में होने वाली बातचीत का मुख्य मकसद क्या है?
इस मीटिंग का मकसद एक व्यापक शांति और सुरक्षा समझौता करना है, जिसमें सीमा विवाद, विस्थापित लोगों की वापसी और reconstruction जैसे मुद्दे शामिल होंगे।