इसराइल और लेबनान के बीच तनाव तेज, तमाम समझौतों के बाद भी दक्षिणी लेबनान में लगातार हो रहे हवाई हमले.

युद्ध विराम के तमाम समझौतों के बावजूद इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने हवाई हमले और तोपखाने से गोलाबारी तेज कर दी है, जिससे पूरे इलाके में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। 21 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस्राइली वायु सेना ने कई प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें अली ताहिर रिज, अल-मंसूरी शहर और कफर रुम्मान के आस-पास का इलाका शामिल है। इन हमलों की वजह से आम नागरिकों की जिंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है और लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। लेबनान में चल रहे इस संघर्ष ने क्षेत्र की शांति को पूरी तरह से खतरे में डाल दिया है।
हमलों का बढ़ता दायरा और नुकसान
इससे पहले 20 अगस्त 2026 को लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने हौला और मरजाउयून जिले के कई शहरों में भारी गोलाबारी की सूचना दी थी। इसके अलावा काब्रिखा और तुलीन के पास भी लगातार बमबारी जारी रही। साल्ुकी और हुजेइर घाटियों में भी तोप के गोलों से भारी नुकसान हुआ, जो मरजाउयून, बिंत जबील और नबातियेह जिलों तक फैले हुए हैं। टायर जिले के मज्दाल जौउल और मंसूरी शहरों पर भी लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिससे बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है।
हवाई गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी
एक्सेलेड (ACLED) के मिडिल ईस्ट असिस्टेंट रिसर्च मैनेजर ناصر खदौर (नासेर खदौर) ने बताया कि हवाई गतिविधियों में अचानक से बहुत ज्यादा तेजी आई है। उनके आंकड़ों के अनुसार, 11 से 17 अगस्त 2026 के बीच इस्राइल ने कुल 45 हवाई और ड्रोन हमले किए, जबकि इससे पिछले 10 दिनों में यह आंकड़ा केवल 25 था। इन हमलों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले अली अल-ताहिर क्षेत्र को निशाना बनाकर किया गया, जिसे सामरिक रूप से बहुत अहम माना जाता है क्योंकि वहां हिजबुल्लाह का बुनियादी ढांचा मौजूद है।
युद्ध विराम समझौतों पर असर
यह हिंसा एक ऐसे समय में हो रही है जब 26 जून 2026 को अमेरिका की मध्यस्थता से एक फ्रेमवर्क समझौता तैयार किया गया था, लेकिन वह अभी तक जमीन पर लागू नहीं हो सका है। हिजबुल्लाह इस समझौते का हिस्सा नहीं था और उसने पूरी तरह से पीछे हटने की मांग करते हुए 4 जून 2026 को इसे खारिज कर दिया था। 15 अगस्त 2026 को हुए एक भीषण हमले में तीन बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। इस्राइली सेना ने कहा कि उसने हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर को निशाना बनाया था और वरिष्ठ कमांडर अली समीर अल-हाज हसन के परिवार के सदस्यों की मौत की पुष्टि की।
आधिकारिक प्रतिक्रियाएं और यूएन की चेतावनी
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने 15 अगस्त को हुई मौतों को बेहद खतरनाक escalation करार दिया। इसके साथ ही लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने औपचारिक रूप से पोप लियो XIV से अपील की है कि वे इस्राइल पर हमले रोकने और लेबनान की धरती से अपनी सेना हटाने के लिए दबाव बनाएं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक प्रवक्ता ने बताया कि 18 अगस्त को समाप्त हुए दो हफ्तों के दौरान दक्षिणी लेबनान में हर दिन औसतन 137 मिसाइलें और गोले दागे गए, जिसे यूएन ने बेहद अलार्मिंग ट्रेंड बताया है।