लेबनान और इसराइल के बीच जंग अब और ज्यादा बढ़ गई है। इसराइल ने लेबनान में अपने हमले तेज कर दिए हैं, जिससे वहां भारी तबाही मची है। जानकारों का मानना है कि इसराइल जानबूझकर शांति की कोशिशों को नाकाम कर रहा है ताकि ईरान को फिर से इस लड़ाई में लाया जा सके।

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लेबनान में हमलों और नुकसान का हाल क्या है?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इसराइल के हमलों में अब तक 1,888 लोग मारे जा चुके हैं। सबसे ज्यादा तबाही 8 अप्रैल को हुई, जब एक साथ 100 हमले हुए और 303 लोगों की जान गई।

विवरण जानकारी
कुल मौतें (लेबनान) 1,888
8 अप्रैल को हुई मौतें 303
नाबतीये हमले में मौतें 13 सुरक्षाकर्मी
विस्थापित लोग (WFP डेटा) 4.4 लाख

हिजबुल्लाह ने इस हमले का जवाब देते हुए उत्तरी इसराइल और इसराइल की सेना पर कई हमले किए हैं। उन्होंने इसराइल के अशदोद शहर में एक नेवल बेस को भी निशाना बनाया है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या तनाव चल रहा है?

  • अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का शांति समझौता (सीजफायर) चल रहा है।
  • ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह बेंजामिन नेतन्याहू को इस शांति समझौते को तोड़ने न दे।
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका ने शांति की कोशिशों को खत्म होने दिया, तो ईरान उसके लिए तैयार है।
  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा रहे हैं।

विशेषज्ञों और दुनिया की क्या राय है?

सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी की नेगर मोर्तजावी ने कहा कि इसराइल जानबूझकर लेबनान पर हमले बढ़ा रहा है ताकि शांति प्रक्रिया को रोका जा सके और ईरान को युद्ध में वापस लाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसराइल चाहता है कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत बंद हो जाए।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इसराइल के इन हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है और सभी देशों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम अगले हफ्ते इसराइल के साथ सीधी बातचीत शुरू करेंगे, हालांकि हिजबुल्लाह के समर्थक इस बातचीत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।