लेबनान के दक्षिणी इलाकों में इसराइल ने अपने हवाई हमलों को और तेज कर दिया है। 11 अप्रैल को नबातियेह जिले में कई जगह बमबारी हुई जिससे आम लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों की जान गई है। इस हमले के बीच दुनिया भर में इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम की कोशिशें जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत चल रही है।
हमलों में कितना नुकसान हुआ और क्या है ताज़ा रिपोर्ट?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च 2026 से अब तक इसराइल के हमलों में मरने वालों की संख्या 1,953 तक पहुंच गई है और 6,303 लोग घायल हुए हैं। 11 अप्रैल को हुए हमलों में मुख्य रूप से नबातियेह जिले के Toul, Zifta और Kfarsir इलाकों को निशाना बनाया गया। इसमें आपातकालीन स्वास्थ्य कर्मियों और बचाव दल के सदस्य भी मारे गए।
| तारीख/समय | हताहतों की संख्या | मुख्य प्रभाव |
|---|---|---|
| 11 अप्रैल 2026 | 10 से 13 मौतें | नबातियेह जिले में हवाई हमले |
| 8 अप्रैल 2026 | 200 से ज़्यादा मौतें | बड़े पैमाने पर सैन्य हमले |
| 2 मार्च से अब तक | 1,953 मौतें | कुल हताहतों का आंकड़ा |
क्या लेबनान और इसराइल के बीच युद्ध रुकेगा?
जंग को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार 11 अप्रैल को पाकिस्तान में आमने-सामने बातचीत शुरू हुई है ताकि युद्धविराम पर चर्चा की जा सके। इसके अलावा, लेबनान और इसराइल ने अगले मंगलवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश विभाग में एक शुरुआती बैठक करने पर सहमति जताई है।
- अमेरिकी हस्तक्षेप: अमेरिका युद्धविराम के लिए मध्यस्थता कर रहा है।
- ईरान की मांग: ईरानी अधिकारियों का कहना है कि लेबनान में युद्धविराम उनकी बुनियादी मांग है।
- इसराइल का रुख: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साथ होने वाला कोई भी समझौता लेबनान विवाद पर लागू नहीं होगा।
- संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया: UN मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने इन हमलों को भयानक और डरावना बताया है।
