इसराइल और लेबनान के बीच चल रहा सीज़फ़ायर एक बार फिर खतरे में है। इसराइली सेना ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में भारी गोलाबारी और हवाई हमले किए हैं। इस हमले के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की ओर भाग रहे हैं।
लेबनान के किन इलाकों में हुए हमले और कितना हुआ नुकसान?
लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) के मुताबिक, इसराइल ने दक्षिण लेबनान के कई शहरों को निशाना बनाया। इनमें ज़ौतार, मैडाफ़ुन, योहमोर अल-शाकिफ़, खियाम, तैबे और कलीला जैसे कस्बे शामिल हैं।
- योहमोर अल-शाकिफ़: यहाँ एक ट्रक और मोटरसाइकिल पर हुए हमले में 4 लोगों की मौत हुई।
- सफद अल-बत्तिक्ख: यहाँ हुए हमले में 2 लोग मारे गए और 17 अन्य घायल हुए।
- कुल नुकसान: लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मार्च की शुरुआत से अब तक इसराइली हमलों में 2,500 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 7,755 लोग घायल हुए हैं।
सीज़फ़ायर टूटने पर इसराइल और हिज़्बुल्लाह ने क्या कहा?
इस हिंसा को लेकर दोनों पक्षों की अपनी दलीलें हैं। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 26 अप्रैल को कहा कि हिज़्बुल्लाह सीज़फ़ायर को खत्म कर रहा है। उन्होंने एलान किया कि इसराइल अपनी सुरक्षा के लिए हिज़्बुल्लाह को ज़ोरदार तरीके से निशाना बनाएगा।
दूसरी तरफ, हिज़्बुल्लाह ने नेतन्याहू के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके हमले इसराइल द्वारा सीज़फ़ायर के उल्लंघन और लेबनान की ज़मीन पर कब्ज़े का जवाब हैं। हिज़्बुल्लाह ने चेतावनी दी कि अगर घर गिराए गए या नागरिकों को निशाना बनाया गया, तो उसका विरोध जारी रहेगा।
आम लोगों पर क्या असर पड़ा और UN ने क्या कहा?
हवाइयों और आर्टिलरी हमलों के कारण लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में भारी अफरातफरी मची है। लिटानी नदी के दक्षिण के गांवों से लोग सिडोन शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं। इसराइली सैनिकों ने बिंत जुबैल शहर में कई इमारतों को धमाकों से उड़ा दिया है।
इसराइल ने बॉर्डर के पास लगभग 10 किलोमीटर चौड़े इलाके को ‘येलो लाइन’ घोषित किया है और वहां के निवासियों को वापस न लौटने की चेतावनी दी है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने और हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है।