लेबनॉन में इसराइल के हमलों ने भारी तबाही मचाई है। लेबनॉन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 2,618 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। युद्धविराम लागू होने के बावजूद हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और आम लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं।
लेबनॉन में अब तक कितने लोग मारे गए और ताज़ा हालात क्या हैं?
लेबनॉन के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 1 मई 2026 तक मरने वालों की संख्या 2,618 तक पहुँच गई है। इससे पहले 30 अप्रैल को यह आंकड़ा 2,586 था। हाल ही में दक्षिण लेबनॉन के Nabatieh al-Fawqa, Harouf और Zebdine जैसे इलाकों में हुए हवाई हमलों में 9 लोगों की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए। लेबनॉन की नेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि एक ही दिन में 30 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे।
क्या युद्धविराम के बाद भी हमले जारी हैं और अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिका की मदद से 16 अप्रैल को 10 दिनों का युद्धविराम शुरू हुआ था, जिसे बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है। इसके बावजूद इसराइली सेना हर दिन हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई कर रही है। वहीं, बेरूत में अमेरिकी दूतावास ने लेबनॉन के राष्ट्रपति Joseph Aoun और इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच सीधी बातचीत का सुझाव दिया है। इस बातचीत में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump मध्यस्थता कर सकते हैं ताकि सीमाओं और संप्रभुता पर गारंटी मिल सके।
हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने के लिए क्या योजना बनाई गई है?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने लेबनॉन की सेना की मदद से Hezbollah के हथियारों को जब्त करने का प्रस्ताव रखा है। लेबनॉन के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने कहा है कि लेबनॉन की सेना को मजबूत करना ही हिजबुल्लाह को निशस्त्र करने का एकमात्र रास्ता है। हालांकि, लेबनॉन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभी इस योजना की पुष्टि नहीं की है और उन्हें डर है कि इससे देश के अंदर दंगे या अशांति फैल सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनॉन में युद्ध कब शुरू हुआ था और अब तक कितना नुकसान हुआ है?
यह युद्ध 2 मार्च 2026 को शुरू हुआ था। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 2,618 लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं।
वर्तमान में युद्धविराम की क्या स्थिति है?
अमेरिका की मध्यस्थता में युद्धविराम 17 मई 2026 तक लागू है, लेकिन इसराइल द्वारा हवाई हमलों और जमीनी कार्रवाई के कारण इसका उल्लंघन हो रहा है।