इसराइल ने लेबनान पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया है जिसे ‘Operation Eternal Darkness’ नाम दिया गया है। 8 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों में कम से कम 254 लोगों की मौत हुई है और 1,100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। ये हमले उस समय हुए जब अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में युद्धविराम की घोषणा की गई थी। लेबनान सरकार ने इस घटना को नरसंहार बताया है और पूरे देश में 9 अप्रैल को शोक का ऐलान किया है।

ℹ️: Lebanon Request Pakistan: लेबनान के प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान से लगाई गुहार, युद्धविराम समझौते में शामिल करने की मांग की.

हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी और जान-माल का नुकसान

  • इसराइल ने मात्र 10 मिनट के भीतर करीब 100 हमले किए।
  • लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार घायलों की संख्या 1,100 के पार पहुँच गई है।
  • हमले बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हुए।
  • इस संघर्ष के कारण मार्च से अब तक 12 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं।
  • पत्रकारों की सुरक्षा संस्था CPJ के अनुसार इस दौरान अल जजीरा के एक संवाददाता सहित तीन पत्रकारों की भी मौत हुई है।

युद्धविराम समझौते को लेकर क्या है असली विवाद?

अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल की रात को एक समझौता हुआ था जिसमें पाकिस्तान ने मध्यस्थता की थी। ईरान इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमत हुआ था। हालांकि, अब इस समझौते की शर्तों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ईरान और पाकिस्तान का कहना है कि इस समझौते में लेबनान भी शामिल था और इसराइल ने इसका उल्लंघन किया है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय का कहना है कि यह समझौता लेबनान के लिए लागू नहीं था क्योंकि वहां हिजबुल्लाह सक्रिय है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो वह इस समझौते को खत्म कर सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.