इसराइल ने लेबनान पर अपने हमलों को जारी रखने का फैसला किया है। दुनिया भर से दबाव और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील के बाद भी इसराइल के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक पूरी सुरक्षा नहीं मिलती, हिजबुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे।

लेबनान में हमलों का असर और नुकसान

8 अप्रैल को हुए हमलों में भारी तबाही हुई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक, रिहायशी इलाकों में भारी बमबारी की गई है। हमले इतने तेज थे कि दक्षिण लेबनान को जोड़ने वाला मुख्य पुल भी तबाह हो गया है, जिससे मदद पहुँचाने में दिक्कत आ रही है।

विवरण जानकारी
कुल मौतें 300 से ज्यादा
घायल लोग 1,000 से अधिक
कुल हमले 100 से ज्यादा
इस्तेमाल किए गए बम 1,000lb बम

अमेरिका और ईरान की प्रतिक्रिया क्या है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से हमलों को कम करने को कहा था ताकि ईरान के साथ हुआ ceasefire समझौता सुरक्षित रहे। हालांकि, अमेरिकी अधिकारी 8 अप्रैल के हमलों के पैमाने को देखकर हैरान रह गए। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि इसराइल की इन हरकतों से अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है।

आगे क्या होगा और बातचीत की क्या स्थिति है

इसराइल ने लेबनान के साथ सीधे तौर पर बातचीत करने की सहमति दी है। यह बातचीत अगले हफ्ते वॉशिंगटन में हो सकती है, जिसे अमेरिका की देखरेख में कराया जाएगा। इस चर्चा का मुख्य मकसद हिजबुल्लाह को निशस्त्र करना और शांति संबंध बनाना होगा। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन का मानना है कि केवल ceasefire और सीधी बातचीत ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.