लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई ने अब बहुत ही खतरनाक रूप ले लिया है. बेरूत और दक्षिणी लेबनान के इलाकों में इसराइली सेना ने बड़े हवाई हमले किए हैं जिनमें भारी जान-माल का नुकसान हुआ है. अल जज़ीरा की रिपोर्टर Heidi Pett के मुताबिक बेरूत में स्थिति बहुत नाजुक बनी हुई है और राहत कर्मी मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाल रहे हैं. यह हमला तब हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक सीज़फायर समझौता हुआ है, लेकिन इसमें लेबनान को बाहर रखा गया है.

लेबनान में हुए हमलों और नुकसान का विवरण

इसराइल ने लेबनान के कई हिस्सों में अपनी सैन्य गतिविधि को तेज़ कर दिया है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस हमले में आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. प्रमुख जानकारियाँ यहाँ दी गई हैं:

विवरण जानकारी
कुल मौतें 182 से 203 के बीच (बुधवार का आंकड़ा)
टारगेट किए गए इलाके सेंट्रल बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका वैली
हमलों की तीव्रता 10 मिनट में 100 से ज़्यादा हवाई हमले
Hezbollah को नुकसान संगठन के नेता के रिश्तेदार अली यूसुफ हर्श की मौत

सीज़फायर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ हुआ दो हफ्ते का सीज़फायर समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता है. इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ शब्दों में कहा है कि वे Hezbollah के खिलाफ अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल जारी रखेंगे. दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है. फ्रांस ने भी इन हमलों को गलत बताया है और कहा है कि इससे क्षेत्र की शांति को खतरा है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो वह समझौते से पीछे हट सकता है.

आम आदमी और व्यापार पर प्रभाव

इस तनाव का असर अब व्यापारिक रास्तों पर भी दिखने लगा है. ईरान ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है और वहाँ समुद्री सुरंगे बिछाने की खबरें आ रही हैं. इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ सकता है. लेबनान की सेना ने अपने नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर रहने और फिलहाल दक्षिणी गांवों की ओर न जाने की सलाह दी है क्योंकि वहाँ अभी भी गोलाबारी जारी है. बेरूत के अस्पतालों में घायलों की संख्या बहुत ज़्यादा होने के कारण वहां की स्वास्थ्य सेवाएँ संकट में हैं.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.