लेबनान में जंग अब और भयानक हो गई है क्योंकि इसराइल ने अपने हवाई हमलों को उत्तर-पूर्वी बेका इलाके तक फैला दिया है. इस हमले में कई गांवों को निशाना बनाया गया जिससे आम लोगों में डर का माहौल है. इस बढ़ते तनाव की वजह से अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता को भी स्थगित करना पड़ा है.
बेका रीजन में हमले और नुकसान
कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) और अन्य सूत्रों के मुताबिक, इसराइली विमानों ने लेबनान के बेका इलाके में हमला किया. इसमें दुरिस गांव, ऐन बुरदई और जमालिया जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया. कतर समाचार एजेंसी (QNA) ने बताया कि इन हमलों में तीन लोगों की जान गई और कई लोग घायल हुए.
लेबनान और इसराइल के नुकसान का ब्यौरा
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि 19 जून की सुबह तक दक्षिण लेबनान के कम से कम 10 गांवों में हुए हमलों में 18 लोग मारे गए और 33 घायल हुए. मंत्रालय ने इसे हाल के समय का सबसे बड़ा हमला बताया है.
दूसरी तरफ, इसराइल की सेना ने माना कि दक्षिण लेबनान में लड़ाई के दौरान उनके चार सैनिक मारे गए, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल थे. इसके अलावा एक ड्रोन हमले में पांच अन्य सैनिक घायल हुए हैं.
हिजबुल्लाह और जमीनी जंग
हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने अली अल-ताहेर पहाड़ियों के पास इसराइली सैनिकों पर रॉकेट और मोर्टार से हमला किया. समूह ने कहा कि उन्होंने इसराइल के तीन टैंकों को तबाह कर दिया है और मौके पर अभी भी लड़ाई जारी है.
अमेरिका-ईरान बातचीत पर असर
लेबनान में बढ़ती हिंसा की वजह से स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बैठक टल गई है. इस मीटिंग में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को शामिल होना था. यह बातचीत युद्ध रोकने और लेबनान की संप्रभुता बनाए रखने के लिए होनी थी.
इस बीच, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया कि सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होता और उनकी सेना सुरक्षा कारणों से वहां मौजूद रहेगी. वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने सख्त लहजे में कहा कि पूरा लेबनान जल जाना चाहिए. फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने इसराइल से हमले रोकने और अमेरिका से इस पर दबाव बनाने की अपील की है.