लेबनान के दक्षिणी शहर Bint Jbeil में इसराइली सेना ने रिहाइशी इलाकों को बम से उड़ा दिया है. यह खबर तब आई है जब दोनों देशों के बीच हाल ही में युद्धविराम का समझौता हुआ था. वहां के हालात अब और बिगड़ते नजर आ रहे हैं और आम लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं.

इसराइल ने क्यों की घरों की तबाही और क्या है उनका तर्क?

इसराइली सेना का कहना है कि वे आम नागरिकों के घरों को नहीं बल्कि Hezbollah के ठिकानों को नष्ट कर रहे हैं. इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर गहरा एक ‘सिक्योरिटी ज़ोन’ बनाया है. उनका दावा है कि आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को खत्म करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में है.

लेबनान सरकार का क्या कहना है और UNIFIL ने क्या देखा?

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun और प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इन धमाकों को युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है. वहीं UNIFIL ने भी पुष्टि की है कि युद्धविराम के बाद कई इलाकों में घर गिराए गए हैं. हाल ही में एक फ्रांसीसी शांतिरक्षक की मौत की खबर से तनाव और बढ़ गया है.

पिछले 24 घंटों में क्या बड़ा बदलाव आया?

लेबनान की नेशनल न्यूज़ एजेंसी (NNA) ने बताया कि Bint Jbeil और आसपास के गांवों में योजनाबद्ध तरीके से बमबारी की जा रही है. इसके जवाब में Hezbollah ने 22 अप्रैल को ड्रोन और रॉकेट हमले किए. अब लेबनान के अधिकारी इस मुद्दे को लेकर 24 अप्रैल को वॉशिंगटन में होने वाली बातचीत में इसराइल के सामने अपनी बात रखेंगे.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.