Israel Lebanon Ceasefire Update: अमेरिका की कोशिश रंग लाई, इसराइल और लेबनान के बीच तीन हफ्ते और बढ़ा संघर्ष विराम
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ी खबर साझा की है। उन्होंने बताया कि White House में हुई बातचीत के बाद Israel और Lebanon ने अपने ceasefire यानी संघर्ष विराम को तीन हफ्ते और बढ़ाने पर सहमति जताई है। Trump के मुताबिक यह मुलाकात काफी अच्छी रही और इससे दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है।
लेबनान की क्या मांगें थीं और समझौता क्यों हुआ?
लेबनान ने इस बातचीत के दौरान कई ज़रूरी मांगें रखी थीं। उनका कहना था कि दक्षिणी गांवों में घरों को गिराने का काम बंद हो और सीमा पार से होने वाले हमलों को रोका जाए। साथ ही, सीमा का निर्धारण करने और पकड़े गए लोगों की वापसी के लिए एक ढांचा तैयार करने की बात भी कही गई। इस समझौते से पहले 14 अप्रैल को 10 दिनों का ceasefire हुआ था, जो 26 अप्रैल को खत्म होने वाला था।
Hezbollah और ईरान का इस फैसले पर क्या कहना है?
जहां अमेरिका इसे कामयाबी मान रहा है, वहीं Hezbollah का नजरिया अलग है। Hezbollah ने कहा कि यह समझौता किसी डिप्लोमेसी से नहीं बल्कि क्षेत्रीय दबाव की वजह से हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसराइल लेबनान से पीछे नहीं हटा, तो वे विरोध जारी रखेंगे। दूसरी ओर, ईरान ने इस विस्तार को बेमतलब बताया है और कहा कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी इस समझौते का उल्लंघन है।
मौजूदा हालात और हालिया घटनाएं क्या रही?
इस समझौते के बीच भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। 23 अप्रैल को लेबनान की एक पत्रकार Amal Khalil की इसराइली हमले में मौत हो गई, जिससे पता चलता है कि शांति अभी भी बहुत नाजुक है। राष्ट्रपति Trump ने कहा कि अमेरिका लेबनान की मदद करेगा ताकि वह Hezbollah से खुद को सुरक्षित रख सके। उन्होंने जल्द ही इसराइल के PM Netanyahu और लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun की मेजबानी करने की इच्छा भी जताई।