Israel-Lebanon Ceasefire: ceasefire की अवधि बढ़ी लेकिन इसराइल ने फिर किए हमले, Netanyahu ने Hezbollah पर लगाया आरोप
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Israel और Lebanon के बीच ceasefire की अवधि को तीन हफ़्तों के लिए बढ़ा दिया है. लेकिन इस समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है. Israel ने ceasefire के बाद भी दक्षिणी Lebanon में हमले जारी रखे हैं, जिसके जवाब में Hezbollah ने भी ड्रोन और रॉकेट दागे हैं.
🚨: Kuwait और Saudi Arabia के विदेश मंत्रियों की फोन पर बात, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर हुई चर्चा।
Ceasefire के नए नियम और Israel का क्या कहना है?
President Trump ने साफ़ किया कि यह ceasefire Israel को आत्मरक्षा (self-defense) में हमले करने से नहीं रोकता है. Israeli प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि Hezbollah इस शांति समझौते को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने साफ़ किया कि Israel अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे के खिलाफ कार्रवाई करेगा. Israel ने 23 और 24 अप्रैल को भी Lebanon में कई जगह हमले किए हैं.
Lebanon और Hezbollah ने क्यों नकारा यह समझौता?
Hezbollah के नेता Ali Fayyad ने इस ceasefire को बेकार बताया और इसके विस्तार को खारिज कर दिया. उनका कहना है कि अगर Israel अपनी सेना वापस नहीं लेता है, तो Lebanon के लोगों को मुकाबला करने का पूरा हक है. वहीं, Lebanon के डिप्टी प्रधानमंत्री Tarek Mitri ने बताया कि सरकार Israel के युद्ध अपराधों की रिपोर्ट तैयार कर रही है और International Criminal Court जाने पर विचार कर रही है.
युद्ध से आम जनता और मानवीय हालात पर क्या असर पड़ा?
UN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस लड़ाई में अब तक Lebanon में करीब 2,300 लोग मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. करीब 10 लाख लोग बेघर हो गए हैं और बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो गया है. Israel की तरफ से भी 13 लोगों की जान गई है. 21 अप्रैल को एक Israeli हमले में पत्रकार Amal Khalil की मौत हो गई, जिससे Lebanon में काफी गुस्सा है.