लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक नए युद्धविराम समझौते पर चर्चा तेज हो गई है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 4 जून 2026 को इस समझौते का समर्थन करने का एलान किया है। अमेरिका की मध्यस्थता में तैयार हुए इस समझौते को लेकर जहां कई देश शांति की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं धरातल पर अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं और हिज़बुल्लाह ने इस समझौते को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने युद्धविराम पर क्या कहा?

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस इस युद्धविराम समझौते का पूरी तरह समर्थन करता है। उन्होंने जोर दिया कि फ्रांस लेबनान की संप्रभुता और शांति बहाली के हर प्रयास में मदद करने के लिए तैयार है। इस समझौते की निगरानी के लिए अमेरिका और फ्रांस के बीच एक कोआर्डिनेशन सिस्टम बनाया गया है, जिसे मैक्रों ने दोबारा सक्रिय करने की बात कही है ताकि युद्धविराम के नियमों का ठीक से पालन कराया जा सके।

इसराइल, लेबनान और हिज़बुल्लाह का इस समझौते पर क्या है रुख?

इस समझौते के तहत दक्षिण लिटानी क्षेत्र से हिज़बुल्लाह के लड़ाकों को हटने और लेबनानी सेना को नियंत्रण सौंपने की शर्त रखी गई है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे शांति का अंतिम मौका बताया है और कहा है कि अंतिम मंजूरी के 24 घंटे के भीतर इसे लागू किया जा सकता है। दूसरी तरफ, इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने साफ किया है कि इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगी। वहीं, हिज़बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने इस समझौते को खारिज करते हुए कहा है कि बिना पूरी तरह इसराइली सेना के हटे वे पीछे नहीं हटेंगे।

युद्धविराम की घोषणा के बीच भी जारी है हमला

अमेरिका के वाशिंगटन में 2 और 3 जून को हुई बैठक के बाद इस समझौते का खाका तैयार किया गया था। हालांकि, युद्धविराम की इस चर्चा के बीच भी दक्षिणी लेबनान में इसराइली हमले जारी रहने की खबरें आई हैं। इन हालिया हमलों में एक संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिक सहित कम से कम चार लोगों की मौत हुई है। समझौते को लेकर अगले तीन हफ्तों में फिर से बातचीत होने की उम्मीद है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लेबनान और इसराइल के बीच युद्धविराम समझौते की मुख्य शर्तें क्या हैं?

इस समझौते के तहत हिज़बुल्लाह को दक्षिणी लिटानी सेक्टर से अपने लड़ाकों को हटाना होगा और हमले पूरी तरह बंद करने होंगे। इन इलाकों का नियंत्रण लेबनान की सरकारी सेना को सौंपा जाएगा।

हिज़बुल्लाह ने इस युद्धविराम समझौते को क्यों खारिज किया?

हिज़बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने कहा कि इसराइल की सेना के पूरी तरह पीछे हटे बिना अपने लड़ाकों को हटाना समर्पण करने जैसा है, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।

फ्रांस और अमेरिका इस समझौते में क्या भूमिका निभा रहे हैं?

अमेरिका इस युद्धविराम समझौते के लिए मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि फ्रांस इसका समर्थन कर रहा है। दोनों देश मिलकर इस समझौते की निगरानी के लिए एक कोआर्डिनेशन सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com