लेबनॉन और इसराइल के बीच चल रही जंग में अब 10 दिन का ब्रेक लगा है। शुक्रवार आधी रात से यह युद्धविराम लागू हो गया है, जिससे आम लोगों में उम्मीद जगी है। हालांकि, दोनों तरफ से शर्तें इतनी कड़ी हैं कि शांति बनी रहेगी या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।

Hezbollah की शर्तें और इसराइल का स्टैंड क्या है?

Hezbollah के सांसदों ने इस युद्धविराम को मंजूरी तो दी है, लेकिन उनकी कुछ कड़ी शर्तें हैं। उनका कहना है कि यह समझौता तभी सफल होगा जब इसराइल पूरी तरह से लेबनॉन की जमीन छोड़ देगा और किसी भी तरह की हत्या या हमले नहीं होंगे। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनॉन से पीछे नहीं हटेगी और वे 10 किलोमीटर तक के सुरक्षा क्षेत्र में अपनी पोजीशन बनाए रखेंगे।

इस समझौते में अमेरिका और दूसरे देशों की क्या भूमिका रही?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते का ऐलान किया। उन्होंने लेबनॉन के राष्ट्रपति Joseph Aoun और Benjamin Netanyahu से बातचीत के बाद इसे एक ऐतिहासिक दिन बताया। इस पूरी प्रक्रिया में सऊदी अरब और पाकिस्तान ने भी अपनी तरफ से मदद की। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने जानकारी दी है कि युद्धविराम के समय तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा।

मैदान पर क्या हालात हैं और क्या नियम लागू हुए हैं?

युद्धविराम शुरू होते ही हजारों लोग अपने घरों की तरफ लौटने लगे हैं, लेकिन अधिकारियों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। लेबनॉन की सेना ने बताया है कि कुछ जगहों पर नियमों का उल्लंघन हुआ है और दक्षिणी गांवों में गोलाबारी की खबरें आई हैं। अमेरिका द्वारा जारी दस्तावेजों के अनुसार, लेबनॉन यह सुनिश्चित करेगा कि Hezbollah हमले न करे और इसराइल अपनी आक्रामक सैन्य कार्रवाई रोकेगा।

संस्था/व्यक्ति भूमिका या स्टैंड
Donald Trump समझौते का ऐलान और मध्यस्थता की
Benjamin Netanyahu सेना को 10km सुरक्षा क्षेत्र में रखने का फैसला
Hezbollah पूरी तरह सेना हटने की शर्त रखी
ईरान व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खुला रखा
सऊदी अरब और पाकिस्तान समझौते के प्रयासों में सहयोग किया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.