इसराइल और लेबनान में 10 दिन का युद्धविराम लागू, हिज़्बुल्लाह ने कहा एकतरफा समझौता मंजूर नहीं
इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों का युद्धविराम (ceasefire) शुरू हो गया है. इसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने की थी. लेकिन हिज़्बुल्लाह के नेता Naim Qassem ने साफ कह दिया है कि उन्हें एकतरफा समझौता मंजूर नहीं होगा. उन्होंने चेतावनी दी है कि उनके लड़ाके पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी हमले का जवाब देंगे.
युद्धविराम की शर्तें क्या हैं और क्या हुआ समझौता
अमेरिका ने इस समझौते का खाका तैयार किया है. इसमें कहा गया है कि लेबनान यह पक्का करेगा कि हिज़्बुल्लाह इसराइल पर हमला न करे. बदले में इसराइल लेबनान में सैन्य हमले बंद रखेगा. हालांकि, इसराइल ने यह हक रखा है कि अगर उस पर कोई हमला हुआ तो वह अपनी रक्षा करेगा. अगर बातचीत में प्रगति हुई तो इस 10 दिन की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है.
नेताओं ने इस समझौते पर क्या कहा
हिज़्बुल्लाह नेता Naim Qassem ने कहा कि शांति के लिए इसराइल को पूरी तरह पीछे हटना होगा, कैदियों को छोड़ना होगा और विस्थापित लोगों को वापस लाना होगा. उन्होंने अमेरिका के तरीके को अपने देश का अपमान बताया. दूसरी तरफ इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन हिज़्बुल्लाह का निशस्त्रीकरण जरूरी है. वे सीमा पर 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाना चाहते हैं.
समझौते और ताज़ा हालात की मुख्य बातें
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युद्धविराम की अवधि | 10 दिन |
| लागू होने की तारीख | 17 अप्रैल 2026 |
| मध्यस्थता | अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump |
| इसराइल की मांग | हिज़्बुल्लाह का निशस्त्रीकरण और 10km सुरक्षा ज़ोन |
| हिज़्बुल्लाह की शर्त | पूरी तरह सेना की वापसी और पुनर्निर्माण |
| क्षेत्रीय असर | ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद किया |
| ताज़ा घटना | एक फ्रांसीसी शांति सैनिक की मौत हुई |