इसराइल और लेबनान के बीच 10 दिनों के लिए युद्धविराम का फैसला हुआ है। भारत सरकार ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे शांति की दिशा में एक अच्छी शुरुआत बताया है। यह समझौता पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मदद से हुआ है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है।

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इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम क्या है?

इस समझौते के तहत इसराइल और लेबनान ने 10 दिनों के लिए लड़ाई रोकने का फैसला किया है। यह कदम हिजबुल्ला और ईरान के बीच चल रही दुश्मनी को खत्म करने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है। अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद यह युद्धविराम लागू किया गया है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता वापस आ सके।

भारत और फ्रांस का इस पर क्या कहना है?

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भारत शांति के हर प्रयास का समर्थन करता है। भारत सरकार फिलहाल पश्चिम एशिया के हालात पर अपनी पैनी नजर रखे हुए है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने भी इस समझौते का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि इसे सही ढंग से लागू किया जाएगा या नहीं।

मामले से जुड़े मुख्य देश और संगठन

संस्था/देश भूमिका/स्थिति
भारत (MEA) युद्धविराम का स्वागत किया और निगरानी कर रहा है
अमेरिका डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम कराने में मदद की
इसराइल और लेबनान 10 दिन के लिए लड़ाई रोकने पर सहमत हुए
फ्रांस समर्थन किया लेकिन लागू होने पर चिंता जताई
ईरान और हिजबुल्ला क्षेत्रीय संघर्ष के मुख्य हिस्सेदार
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.