इसराइल और लेबनान के बीच आखिरकार युद्धविराम यानी सीज़फायर को लेकर समझौता हो गया है। अमेरिका की मध्यस्थता में वाशिंगटन में हुई दो दिनों की अहम बैठक के बाद इस समझौते का ऐलान किया गया। इस ऐतिहासिक फैसले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जबकि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की कीमतें बढ़ गई हैं। हालांकि, इस समझौते के बावजूद सीमाई इलाकों में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।
क्या हैं इस सीज़फायर समझौते की मुख्य शर्तें?
इस समझौते को लागू करने के लिए कुछ बेहद कड़े नियम और शर्तें रखी गई हैं, जिन्हें दोनों पक्षों को मानना होगा। मुख्य शर्तों की जानकारी नीचे दी गई है:
- हिजबुल्लाह की वापसी: ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को पूरी तरह से गोलाबारी बंद करनी होगी और दक्षिणी लेबनान में लिटानी नदी के दक्षिण हिस्से से अपने सभी लड़ाकों को हटाना होगा।
- पायलट जोन का निर्माण: सीमाई इलाकों में विशेष ‘पायलट जोन’ बनाए जाएंगे, जहां किसी भी गैर-सरकारी संगठन या समूह का नियंत्रण नहीं होगा। इन क्षेत्रों में केवल लेबनान की सरकारी सेना (LAF) ही तैनात रहेगी।
- अगली बातचीत: दोनों देश आने वाले 22 जून 2026 के हफ्ते में एक बार फिर राजनीतिक और सुरक्षा मामलों पर चर्चा के लिए बैठक करेंगे ताकि इस समझौते को स्थाई रूप दिया जा सके।
समझौते के बाद जमीन पर क्या हैं असली हालात?
भले ही वाशिंगटन में बैठकर इस समझौते पर सहमति बन गई हो, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी काफी चिंताजनक है। गुरुवार, 4 जून 2026 की सुबह भी दक्षिणी लेबनान में इसराइली ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। इसके साथ ही उत्तरी इसराइल में हवाई हमले के सायरन भी बजते हुए सुने गए हैं। इसराइल के रक्षा मंत्री ने साफ कहा है कि उनकी सेना अभी दक्षिणी लेबनान से वापस नहीं हटेगी और वहां सैन्य अभियान जारी रहेगा। इसके अलावा, इसराइली सेना ने लेबनानी नागरिकों को जह्रानी नदी के दक्षिण में न जाने की चेतावनी जारी की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल और लेबनान के बीच सीज़फायर कब हुआ?
यह समझौता 3 जून 2026 को घोषित किया गया, जो अमेरिका की मध्यस्थता में वाशिंगटन में हुई दो दिवसीय बैठक के बाद संभव हुआ।
इस समझौते के बाद मार्केट पर क्या असर पड़ा है?
समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जबकि सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
क्या लेबनान के नागरिक अब वापस अपने घरों को लौट सकते हैं?
इसराइली रक्षा मंत्री के बयान के अनुसार, विस्थापित हुए नागरिकों को अभी उनके घरों में लौटने की अनुमति नहीं दी गई है और इसराइली सेना अभी दक्षिणी लेबनान में ही तैनात रहेगी।
