Israel-Lebanon Ceasefire: इसराइल और लेबनान में युद्ध रुकने की खबर, सेना को सीजफायर के लिए मिला आदेश, आज रात से लागू हो सकता है फैसला.
लेबनान और इसराइल के बीच चल रही जंग को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल की सेना को आज रात से सीजफायर यानी युद्धविराम की तैयारी करने का आदेश मिला है। यह खबर इसराइली मीडिया हाउस Haaretz और Al Jazeera ने साझा की है, जिससे इस इलाके में शांति की उम्मीद जगी है।
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सीजफायर कब से और कैसे लागू होगा?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सीजफायर 16 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजे से आधी रात के बीच शुरू हो सकता है। इसराइल की सेना के कमांडरों को इसके लिए तैयार रहने को कहा गया है। लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने साफ़ किया है कि इसराइली सेना का लेबनानी जमीन से पूरी तरह बाहर निकलना ज़रूरी है, तभी शांति बहाल हो पाएगी और लेबनानी सेना अपने बॉर्डर पर तैनात हो सकेगी।
नेताओं और बड़े देशों का इस पर क्या रुख है?
इसराइल के पीएम Benjamin Netanyahu ने कहा है कि जब तक हिजबुल्लाह के हथियार नहीं डाले जाते और उत्तर के इलाकों में सुरक्षा नहीं आती, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। दूसरी ओर, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने लेबनान और इसराइल के राजदूतों के बीच बातचीत कराई है, जिसमें दोनों पक्ष सीधे वार्ता करने पर सहमत हुए हैं। ब्रिटेन के मंत्री Hamish Falconer ने भी सीजफायर की कोशिशों का समर्थन किया है और मानवीय मदद का वादा किया है।
ज़मीनी हालात और आम लोगों पर असर
भले ही सीजफायर की बातें चल रही हैं, लेकिन ज़मीन पर हमले अभी भी जारी रहे। इसराइल ने बिंत जुबैल में सैन्य ऑपरेशन जारी रखे और लिटानी नदी के पुल पर हमला किया। साथ ही ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों को वहां से हटने का आदेश दिया गया है। इस भीषण लड़ाई की वजह से मार्च से अब तक 2,77,000 से ज़्यादा लोग लेबनान छोड़कर सीरिया जा चुके हैं।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| संभावित तारीख | 16 अप्रैल 2026 |
| सीजफायर का समय | शाम 7 बजे से आधी रात तक |
| नेतन्याहू की शर्त | हिजबुल्लाह का निशस्त्रीकरण और शांति समझौता |
| राष्ट्रपति औन की मांग | इसराइल की लेबनान से पूरी वापसी |
| अमेरिका की भूमिका | राजदूतों के बीच सीधी बातचीत की सहमति |
| विस्थापित लोग | 2,77,000 से ज्यादा लोग सीरिया गए |
| हालिया सैन्य कार्रवाई | बिंट जुबैल और लिटानी नदी पुल पर हमले |