इसराइल और लेबनान के बीच चल रहा खूनी संघर्ष अब थम गया है। अमेरिका की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच 10 दिनों के लिए युद्धविराम (ceasefire) लागू हो गया है। सऊदी अरब और ओमान समेत कई देशों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जिससे इस इलाके में शांति की उम्मीद जगी है।

युद्धविराम कब से लागू हुआ और किसने करवाई यह डील?

यह युद्धविराम गुरुवार 17 अप्रैल 2026 की आधी रात से शुरू हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते का ऐलान किया था। उन्होंने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun को बातचीत के लिए व्हाइट हाउस बुलाया है। ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि Hezbollah भी इस दौरान शांति बनाए रखेगा।

किन देशों और संगठनों ने इस फैसले का समर्थन किया?

इस शांति समझौते का सऊदी अरब, ओमान, जॉर्डन और सीरिया ने स्वागत किया है। इन देशों ने लेबनान की संप्रभुता और एकता को बनाए रखने पर जोर दिया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव António Guterres ने भी अमेरिका की भूमिका की तारीफ की और सभी पक्षों से इस समझौते का सम्मान करने को कहा है। यूरोपीय आयोग ने इसे राहत भरा कदम बताया है।

जमीनी हालात और मुख्य जानकारियां

शांति समझौते के बावजूद लेबनानी सेना ने इसराइल पर फायरिंग के आरोप लगाए हैं और लोगों को गांवों में लौटने से मना किया है। वहीं इसराइल का कहना है कि वह Hezbollah को निशस्त्र करना चाहता है और उसकी सेना दक्षिण लेबनान से अभी नहीं हटेगी।

विवरण जानकारी
लागू होने की तारीख 17 अप्रैल 2026
समझौते की अवधि 10 दिन
मुख्य मध्यस्थ अमेरिका (Donald Trump)
समर्थन देने वाले देश सऊदी अरब, ओमान, जॉर्डन, सीरिया, ईरान, पाकिस्तान
लेबनान के मुख्य नेता Joseph Aoun, Nawaf Salam, Nabih Berri
मानवाधिकार रिपोर्ट Qasmieh ब्रिज तोड़ने को युद्ध अपराध बताया गया
इसराइल का स्टैंड Hezbollah को निशस्त्र करना मुख्य लक्ष्य है
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.