वाशिंगटन में इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत का तीसरा दौर खत्म हो गया है। अमेरिका की कोशिश है कि दोनों देशों के बीच शांति बनी रहे, लेकिन शर्तें अब भी उलझी हुई हैं। लेबनान चाहता है कि इसराइल युद्धविराम का पालन करे, जबकि इसराइल की नज़र हिजबुल्लाह के हथियारों को खत्म करने पर है।
वाशिंगटन की बातचीत में क्या हुआ और अब क्या स्थिति है?
इसराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत का तीसरा दौर 14 और 15 मई 2026 को वाशिंगटन में हुआ। अमेरिका के विदेश विभाग ने इस बातचीत को सकारात्मक और उपयोगी बताया है। असल में, 17 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम हुआ था, जिसे पहले 10 दिन और फिर तीन हफ्ते के लिए बढ़ाया गया था। यह युद्धविराम अब 17 मई 2026 को खत्म होने वाला है।
इसराइल और लेबनान की मुख्य मांगें क्या हैं?
दोनों देशों की शर्तें काफी अलग हैं। इसराइल का कहना है कि शांति तभी होगी जब हिजबुल्लाह पूरी तरह निशस्त्र होगा। इसराइल के राजदूत Yechiel Leiter ने कहा कि वे ऐसी शांति चाहते हैं जहाँ हिजबुल्लाह का कोई अस्तित्व न रहे। दूसरी तरफ, लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam चाहते हैं कि इसराइल अपनी सेना को दक्षिणी लेबनान से बाहर निकाले और लेबनानी कैदियों को रिहा करे। हिजबुल्लाह के नेता अली अम्मार ने इन सीधी बातचीत का विरोध किया है और इसे गलत बताया है।
जमीनी हालात और हालिया हमले
एक तरफ बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ हमले भी जारी रहे। 14 मई 2026 को इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया। वहीं हिजबुल्लाह के एक ड्रोन हमले में कुछ इसराइली नागरिक घायल हो गए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 13 मई को हुए हमलों में 8 बच्चों समेत 22 लोगों की जान गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम कब खत्म हो रहा है?
अमेरिका की मध्यस्थता में हुआ यह युद्धविराम 17 मई 2026 को समाप्त होने वाला है।
बातचीत में मुख्य विवाद किस बात पर है?
इसराइल हिजबुल्लाह के पूर्ण निशस्त्रीकरण की मांग कर रहा है, जबकि लेबनान इसराइली सेना की वापसी और युद्धविराम के सही कार्यान्वयन पर जोर दे रहा है।
